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West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर जारी बगावत ने अब एक बेहद गंभीर और कानूनी मोड़ ले लिया है. रविवार को टीएमसी नेता कुणाल घोष ने एक ऐसा सबूत पेश किया है, जिसने बागी खेमे की नींद उड़ा दी है. टीएमसी के बागी विधायक संदीपान साहा पर पार्टी के फंड से 25 लाख रुपये निकालने और उसी अकाउंट की जांच कराने की साजिश रचने का सनसनीखेज आरोप लगाया है. क्या ममता बनर्जी की पार्टी छोड़कर गए सभी विधायकों की सदस्यता खतरे में आ गई है?
क्या टीएमसी के बागी विधायकों की विधायकी जा सकती है?
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर छिड़ा आंतरिक घमासान अब खुलकर सड़कों और कानूनी मोर्चे पर आ गया है. बागी विधायकों द्वारा पार्टी के बैंक खातों की जांच की मांग किए जाने के बाद अब टीएमसी नेतृत्व ने पलटवार करते हुए बागियों को चौतरफा घेरना शुरू कर दिया है. टीएमसी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष ने बागी विधायक संदीपान साहा पर चुनावी खर्च और पार्टी फंड को लेकर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. कुणाल घोष ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जो बागी नेता आज खुद को पाक-साफ बताकर पार्टी के अकाउंट्स की जांच की मांग कर रहे हैं, वे खुद उसी पैसे के दम पर विधायक बने हैं. टीएमसी के बागी विधायकों की मांग पर पार्टी का बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है. इस बैंक अकाउंट में टीएमसी के तकरीबन 440 करोड़ रुपये जमा हैं.
कुणाल घोष ने बागी विधायक संदीपान साहा के चुनावी खर्च का पूरा ब्योरा सामने रखते हुए उन पर धोखेबाजी का आरोप लगाया. घोष ने कहा कि संदीपान साहा ने चुनाव के दौरान जो पानी की तरह पैसा बहाया, वह असल में तृणमूल कांग्रेस का था. घोष ने कहा- “बागी विधायक संदीपान साहा ने चुनाव के दौरान कुल 27 लाख रुपये से अधिक का खर्च किया था. आपको जानकर हैरानी होगी कि इस 27 लाख में से पूरे 25 लाख रुपये उसी टीएमसी बैंक अकाउंट से निकाले गए थे, जिसे इन बागियों की शिकायत के बाद फ्रीज कर दिया गया है. ये लोग पहली बार पार्टी के सिंबल और पार्टी के फंड के दम पर विधायक की कुर्सी तक पहुंचे और आज ये उसी अकाउंट की जांच कराने की मांग कर रहे हैं जिससे इन्होंने खुद पैसा लिया.”
#WATCH | Kolkata: TMC MLA Kunal Ghosh says, “Rebel MLA Sandipan Saha spent a total of over Rs 27 lakh during the election, out of which Rs 25 lakh was taken from that account (the TMC bank account that was reportedly frozen after rebel MLAs sought a probe). They became MLAs for… pic.twitter.com/FGN63OJAqI