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अंचल ऑफिस घूस से दागदार:4 साल में भ्रष्टाचार में 2 सीओ भी...




अंचल ऑफिस घूस से दागदार रांची के बुढ़मू अंचल के राजस्व कर्मचारी और सीओ द्वारा एक जमीन के मामले में हल्का कर्मचारी ने जमीन मालिक से पैसे की मांग की। इसकी शिकायत एसीबी तक पहुंची और एसीबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को हिरासत में ले लिया। कर्मचारी के बयान पर एसीबी ने सीओ को भी हिरासत में ले लिया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है। वर्ष 2023 से अब तक 4 साल में दो सीओ और दो राजस्व उपनिरीक्षक जेल भेजे जा चुके हैं। फिर भी अंचलों में फैले भ्रष्टाचार का स्तर इतना अधिक बढ़ गया है कि यह अंचलों में जमीन म्यूटेशन के लिए आने वाले आवेदनों की स्थिति से साफ हो जाता है। दरअसल, जिले के 22 अंचलों में अब तक 5,74,680 आवेदन जमा हुए, इसमें 3,06,886 आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया। अभी भी 16,495 आवेदन पेंडिंग हैं। दैनिक भास्कर ने जिनके आवेदन रिजेक्ट हुए उनसे बात की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। राजकुमार (बदला हुआ नाम) ने बताया कि जमीन रजिस्ट्री के बाद शहर अंचल में 15 डिसमिल जमीन के म्यूटेशन का ऑनलाइन आवेदन जमा हुआ। एक ब्रोकर ने अंचल के कर्मचारी का हवाला देते हुए बुलाया और पांच हजार रुपए प्रति डिसमिल की दर से रिश्वत देने पर जल्द म्यूटेशन कराने की बात कही। पैसा नहीं होने की वजह से बात आगे नहीं बढ़ी, आखिरकार वह आवेदन रिजेक्ट हो गया। वहीं, अंचलों में सक्रिय तीन ब्रोकरों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि सीओ और कर्मचारी तय करते हैं कौन सी जमीन का म्यूटेशन होगा और किसका आवेदन रिजेक्ट होगा। बिना चढ़ावा चढ़ाए फाइल आगे ही नहीं बढ़ती। म्यूटेशन के 54% आवेदन रिजेक्ट, 16,495 पेंडिंग… यह भी भ्रष्टाचार की जड़ इन अंचलों में सबसे अधिक केस रिजेक्ट कांके: 65,050 नामकुम: 60,056 नगड़ी: 33,349 रातू: 31,075 बड़गाईं: 20,949 वर्ष 2023 में रातू के और 2025 में शहर अंचल के सीओ पकड़े गए रांची के अंचलों से डीसीएलआर सहित अन्य कार्यालयों में भ्रष्टाचार की बात नई नहीं है। लेकिन अब एसीबी जिस तरह एक्टिव होकर कार्रवाई कर रहा है, उसमें सीओ की गर्दन भी पकड़ी जा रही है। पुराने रिकॉर्ड को देखें तो एसीबी ने वर्ष 2023 में 39 डिसमिल जमीन के बदले 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने के मामले में रातू के तत्कालीन सीओ प्रदीप कुमार, राजस्व उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, दलाल जाफर अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 2025 में शहर अंचल के सीओ मुंशी राम को भी जमीन की मापी कराने के बदले 37 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। बाद में उनके घर से 11.42 लाख रुपए नगद बरामद करने के बाद मुंशी राम को जेल भेज दिया गया था। इसके अलावा सभी अंचलों में जमीन के खेल के मामले सामने आते रहे हैं। नामकुम, मांडर, शहर, अरगोड़ा, हेहल, कांके, बड़गाईं अंचल में सरकारी जमीन, आदिवासी जमीन सहित अन्य प्रकृति की जमीन के म्यूटेशन, रसीद काटने या जमीन की मापी के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद इन अंचलों में भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी। बड़गाईं : राजस्व उप निरीक्षक के घर से 11 ट्रंकों में मिले थे जमीन के कागजात बड़गाईं अंचल के पूर्व राजस्व उप निरीक्षक भानू प्रताप प्रसाद के खेल को कोई भूल नहीं सकता। रांची में हुए जमीन घोटाले में ईडी ने भानू प्रताप प्रसाद के घर में छापेमारी की थी। इस दौरान उसके घर से 11 ट्रंकों में जमीन के कागजात मिले थे। बड़गाईं अंचल से संबंधित 17 मूल सरकारी जमीन के रजिस्टर जब्त किए गए थे। इसमें कई जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ कर म्यूटेशन करने, बरियातू रोड स्थित सेना के कब्जे वाली जमीन की रजिस्ट्री के लिए गलत रिपोर्ट देने के साक्ष्य भी मिले थे। इसके बाद ईडी ने भानू प्रताप प्रसाद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।



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