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दुमका के वैज्ञानिक डॉ. सूरज भी इस टीम में, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बेंगलुरु समेत कई संस्थानों के शोधकर्ताओं ने विकसित की तकनीक रेलवे ट्रैक पर हाथियों की लगातार हो रही मौतों को रोकने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। बेंगलुरु की प्रतिष्ठित क्राइस्ट यूनिवर्सिटी समेत देश के कई संस्थानों के शोधकर्ताओं की संयुक्त टीम ने उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम विकसित किया है। इस टीम में दुमका के डॉ. सूरज कुमार भी शामिल हैं। वे वर्तमान में क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मैनेजमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इस तकनीक का भारत सरकार के कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत पंजीकरण भी कराया जा चुका है। रेलवे ट्रैक पर हाथियों की जोखिम पहचान के लिए तैयार ‘रियल-टाइम AI विजन सिस्टम’ को झारखंड और असम में हुए हाथी-ट्रेन हादसों के बाद विकसित किया गया। इसी साल फरवरी 2026 में लातेहार के कुटरीटोला में मालगाड़ी की टक्कर से एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं 20 दिसंबर 2025 को असम के होजाई जिले में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत हो गई थी और ट्रेन के पांच कोच पटरी से उतर गए थे। इस राष्ट्रीय स्तर के शोध में डॉ. श्रीनिवास, डॉ. दारा विजय लक्ष्मी, निशा फ्रांसिस, डॉ. के. फ्रांसिस सुधाकर, लकावत अनिल कुमार, मुकेश प्रधान और शरथ चंद्रा रेड्डी भी शामिल हैं। दुमका के डॉ. सूरज कुमार की मौजूदगी स्थानीय लोगों के लिए गर्व का विषय बनी है। डॉ. सूरज बोले- हमारा सिस्टम कई मायने में अलग
डॉ. सूरज कुमार ने बताया कि देश में पहले भी इस तरह के सिस्टम विकसित किए गए हैं, लेकिन हमारी टीम का सिस्टम कई मायनों में अलग है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि रेलवे ट्रैक के करीब एक किलोमीटर के दायरे में कोई हाथी या अन्य जंगली जानवर आते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट जेनरेट करेगा। इसके बाद वन विभाग, रेलवे और लोको पायलट को एक साथ सूचना मिल जाएगी, जिससे समय रहते ट्रेन की रफ्तार नियंत्रित कर हादसे टाले जा सकेंगे। थर्मल कैमरे और सेंसर से करेगा निगरानी… यह सिस्टम थर्मल इन्फ्रारेड कैमरे, लीडार सेंसर और एज-AI प्रोसेसर की मदद से ट्रैक के आसपास हाथियों की रियल-टाइम पहचान करेगा। हाथी दिखते ही यह लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और वन विभाग को अलर्ट भेजने के साथ रेलवे के सिग्नलिंग सिस्टम को भी तुरंत सचेत करेगा। साथ ही, हाथियों को ट्रैक से हटाने के लिए यह ट्रेन की हेडलाइट की रोशनी कम कर सकता है और ट्रैक किनारे लगे ध्वनि सिग्नल सक्रिय कर सकता है।
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