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जिले में विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम ‘अकिल एड़पा’ के तहत प्रशासनिक पदाधिकारी अब हर गुरुवार चिन्हित स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे और शैक्षणिक व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। कार्यक्रम डीसी संदीप कुमार मीना के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार इससे जिले के 55 विद्यालयों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। लक्ष्य आगामी मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करना है। गुरुवार को पदाधिकारी अपने-अपने आवंटित विद्यालयों में पहुंचे। उन्होंने कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई की स्थिति और स्कूल की आधारभूत सुविधाओं का आकलन किया। शिक्षकों की उपस्थिति भी जांची गई। अनुपस्थित शिक्षकों के कारण पूछे गए। लगातार तीन दिन से अधिक समय से अनुपस्थित विद्यार्थियों के अभिभावकों से फोन पर संपर्क किया गया। जिनसे संपर्क नहीं हो सका, उनके घर जाकर बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए कहा गया। निरीक्षण के दौरान स्कूल भवन, कक्षाओं, शौचालय, रनिंग वाटर, बिजली, चाक-बोर्ड, मैप, लाइब्रेरी व डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता की जानकारी ली। पदाधिकारियों ने पाठ्यक्रम की प्रगति और समय-सीमा के भीतर सिलेबस पूरा होने की स्थिति भी देखी। विद्यार्थियों से बातचीत कर विषयगत कठिनाइयों और भाषा संबंधी बाधाओं की पहचान की गई। कार्यक्रम में मैट्रिक स्तर पर अंग्रेजी, हिंदी, गणित, विज्ञान और जीव विज्ञान पर फोकस रखा गया है। इंटरमीडिएट स्तर पर अंग्रेजी, हिंदी, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, बिजनेस मैनेजमेंट, इतिहास, भूगोल व अकाउंटेंसी सहित विषयों की तैयारी कराई जाएगी। कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी डीडीसी राज महेश्वरम, पीडी आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार सहित अधिकारियों को दी गई है। प्रत्येक पदाधिकारी को 1 से 3 विद्यालय आवंटित किए गए हैं। जिला प्रशासन ने विषयवार शिक्षकों का पैनल भी तैयार किया है। डिजिटल माध्यम से इंटरैक्टिव ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने की योजना है, ताकि विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग मिल सके।
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