Last Updated:
Mithila painting Rakhi Designs: समस्तीपुर के कलाकार कुंदन राय ने रक्षाबंधन के लिए मिथिला पेंटिंग का अनोखा प्रयोग किया है. उन्होंने बीजेपी, इंडिया पोस्ट, यूनियन बैंक जैसे संस्थानों के लोगो को राखी पर उकेरा है, जो कला और परंपरा का अनूठा संगम है.
मिथिला की धरती अपनी कला और संस्कृति के लिए देश-दुनिया में अलग पहचान रखती है. यहां की परंपराओं में जब कला का रंग घुलता है तो सामान्य चीज भी खास बन जाती है. इस बार रक्षाबंधन के पावन अवसर पर समस्तीपुर के एक कलाकार ने कुछ ऐसा ही अनोखा प्रयोग किया है, जिसकी चर्चा अब लोगों के बीच होने लगी है. शहर में रहने वाले मिथिला पेंटिंग कलाकार कुंदन राय ने राखी को मिथिला पेंटिंग का स्वरूप देकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को कला से जोड़ने का प्रयास किया है.
मिथिला पेंटिंग को तैयार करना आसान काम नहीं माना जाता. इसमें हर छोटी रेखा, आकृति और डिजाइन को बेहद सावधानी से उकेरना पड़ता है. कुंदन राय ने इसी कला को राखी पर उतारकर एक अलग प्रयोग किया है. उन्होंने मिथिला पेंटिंग के माध्यम से बीजेपी का लोगो, इंडिया पोस्ट का लोगो, यूनियन बैंक, केनरा बैंक और आरसेटी जैसे संस्थानों के लोगो को राखी पर उकेरा है. इन डिजाइनों में मिथिला कला की पहचान साफ नजर आती है. खास बात यह है कि राखी जैसी छोटी जगह पर इतने बारीक डिजाइन तैयार करने के लिए काफी एकाग्रता की जरूरत होती है.
रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और भावनाओं का पर्व है. मिथिलांचल में इस त्योहार की अपनी विशेष परंपरा और भावनात्मक महत्व है. ऐसे में जब इसी त्योहार की राखी पर मिथिला पेंटिंग की छाप दिखाई देती है तो इसका महत्व और बढ़ जाता है. कुंदन राय ने कला के जरिए राखी को एक अलग पहचान देने की कोशिश की है. सामान्य तौर पर राखी रंग-बिरंगे धागों और सजावटी चीजों से तैयार की जाती है, लेकिन यहां मिथिला की पारंपरिक कला उसकी खूबसूरती का हिस्सा बन गई है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
कुंदन राय इससे पहले भी अपने अलग तरह के कला प्रयोगों के कारण चर्चा में रह चुके हैं. उन्होंने अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की तस्वीर को कैनवास पर मिथिला पेंटिंग शैली में उकेरने का प्रयास किया था. उनकी कला की खास बात यह है कि वह पारंपरिक शैली को आधुनिक विषयों के साथ जोड़ने की कोशिश करते हैं. कुंदन राय ने बताया कि वह हमेशा कुछ नया करने के बारे में सोचते रहते हैं. उनकी इसी सोच का नतीजा है कि कभी कैनवास पर चर्चित व्यक्तित्व की तस्वीर दिखाई देती है.
कुंदन राय समस्तीपुर जिले के रहने वाले हैं और समस्तीपुर शहर में ही रहकर अपनी कला को आगे बढ़ा रहे हैं. उनके लिए मिथिला पेंटिंग सिर्फ चित्र बनाने की कला नहीं, बल्कि अपनी मिट्टी और संस्कृति को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम है। वह मानते हैं कि अगर पारंपरिक कला को नए विषयों और नए माध्यमों से जोड़ा जाए तो युवा पीढ़ी भी उससे आसानी से जुड़ सकती है. राखी पर अलग-अलग लोगो को मिथिला शैली में तैयार करना इसी सोच का हिस्सा है. छोटे ब्रश से बारीक काम करते हुए उन्होंने जिस तरह राखियों को तैयार किया है.
रक्षाबंधन के मौके पर कुंदन राय का यह प्रयोग इसलिए भी खास बन जाता है क्योंकि इसमें दो अलग-अलग भावनाएं एक साथ दिखाई देती हैं, एक तरफ भाई-बहन के अटूट रिश्ते की भावना और दूसरी तरफ मिथिला की सदियों पुरानी कला की खूबसूरती. राखी के जरिए उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की है कि हमारी पारंपरिक कला को आधुनिक सोच के साथ जोड़कर उसे नए रूप में लोगों के सामने रखा जा सकता है. समस्तीपुर जैसे शहर से निकलकर ऐसा प्रयोग करने वाले कलाकार के लिए यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है.