पेपर लीक करके सिस्टम की ऐसी-तैसी करने वाले माफिया के साथ इस बार नो मर्सी. गवर्नमेंट और ED ने फुल एग्रेसिव मोड ऑन कर लिया है. पूरे देश में पैन-इंडिया लेवल पर PMLA के तहत रेड मारी जा रही है जिससे सारे सॉल्वर गैंग की हवा टाइट है. एजेंसी ने राजस्थान, हरियाणा, बिहार (पटना), झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक और असम में पुलिस की सारी पुरानी FIR अपने हाथ में लेकर ECIR फाइल कर दी है. बहुचर्चित NEET-UG पेपर लीक केस में भी अब ED की सीधी एंट्री होने वाली है. ED का सीधा फोकस प्रोसीड ऑफ क्राइम यानी गलत धंधे से बटोरा हुआ कैश और मनी ट्रेल को ट्रेस करना है. जिन्होंने करोड़ों अंदर किए हैं, उनकी प्रॉपर्टीज अब जब्त होने वाली हैं.
झारखंड में और तगड़ा एक्शन
JSSC-CGL और JPSC स्कैम में सीआईडी और ED की रेड के बाद माहौल एकदम गरम है:
पूर्व चीफ अरेस्ट: JPSC के एक्स-चैयरमैन एल. खियांग्ते को सीआईडी ने धर दबोचा. इससे पहले 14 और बंदे अंदर जा चुके हैं. इस्तीफों की लड़ी: समन का खौफ ऐसा था कि JPSC के तीनों मेंबर्स (अजीता, अनिमा और जमाल) ने अपरिहार्य परिस्थितियों का बहाना बनाकर सीधा रिजाइन मार दिया. स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट: परीक्षा देने वाले छात्र पिछले 16 दिन से सड़कों पर हैं और सीबीआई जांच की मांग को लेकर फुल प्रोटेस्ट मोड में हैं.
ED अब सबको समन भेजने और प्रॉपर्टी सीज करने की तैयारी में है. इस बार कोई भी सिंडिकेट वाला बच के निकल नहीं पाएगा.
सवाल-जवाब
1. ED ने पेपर लीक मामले में किस कानून के तहत देशव्यापी कार्रवाई शुरू की है?
ED ने धनशोधन निवारण अधिनियम यानी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह देशव्यापी (पैन-इंडिया) कार्रवाई शुरू की है.
2. किन-किन राज्यों की पुलिस FIR को ED ने टेकओवर करके जांच अपने हाथ में ली है?
ED ने राजस्थान, हरियाणा, बिहार (पटना), झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक (बेंगलुरु) और असम (गुवाहाटी) में दर्ज FIR को टेकओवर करके ECIR दर्ज की है.
3. पेपर लीक केस में ED की जांच का मुख्य फोकस किस बात पर रहेगा?
ED का मुख्य फोकस ‘प्रोसीड ऑफ क्राइम’ यानी अपराध से अर्जित अवैध आय, पैसों की हेराफेरी (मनी ट्रेल) और सिंडिकेट के वित्तीय लेन-देन का पता लगाने पर रहेगा.
4. झारखंड के भर्ती घोटाले (JSSC-CGL/JPSC) में सीआईडी ने किसे गिरफ्तार किया है?
झारखंड सीआईडी ने JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार किया है, जबकि इससे पहले 14 अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो चुकी है.
5. सीआईडी के समन और विरोध-प्रदर्शन के बीच JPSC में क्या बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम हुआ?
सीआईडी द्वारा पूछताछ का समन जारी होने के बाद JPSC के तीनों सदस्यों (अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद) ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया.