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झारखंड में रेल-हवाई सेवा प्रभावित, बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम बना चक्रवाती तूफान अर्नब गुरुवार को कमजोर होकर डिप्रेशन में बदल गया। इसके बाद यह उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी ओडिशा के ऊपर निम्न दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो गया। हालांकि, इसका असर झारखंड में बना हुआ है। बुधवार देर रात से गुरुवार शाम तक राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश हुई। सरायकेला-खरसावां, जमशेदपुर, चाईबासा, लातेहार, गढ़वा, पलामू, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में तेज हवा और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। तूफान का सबसे अधिक असर रेल सेवाओं पर पड़ा। गुरुवार को टाटानगर से चलने वाली दो ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। वहीं, 30 अक्टूबर को भी टाटानगर से चलने वाली 11 ट्रेनें रद्द रहेंगी। असमय बारिश से किसानों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। धान की पकी बालियां कटाई के लिए तैयार थीं, लेकिन हवा के झोंकों से सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल खेतों में गिर गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार को पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। रांची में भी बारिश हो सकती है। एक फ्लाइट डायवर्ट, कई देरी से रांची पहुंचीं तेज हवा के कारण गुरुवार सुबह 11.45 बजे कोलकाता से रांची आने वाली इंडिगो की फ्लाइट नहीं उतर सकी। इसे वापस कोलकाता डायवर्ट किया गया। हवा की रफ्तार कम होने पर शाम में यात्रियों को दूसरे बड़े विमान से रांची भेजा गया। पुणे की फ्लाइट डेढ़ घंटे, मुंबई से आने वाली एयर इंडिया दो घंटे और दिल्ली की इंडिगो फ्लाइट एक घंटे देर से पहुंची। अन्य उड़ानें भी 20-30 मिनट देर से पहुंचीं। आगे क्या: तीन दिन तक बारिश के आसार 30 अक्टूबर: राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे। पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में कहीं-कहीं भारी बारिश और 30-40 किमी की रफ्तार से हवा चल सकती है। 31 अक्टूबर-1 नवंबर: आंशिक बादल छाए रहेंगे। रांची समेत कई जिलों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव का असर रहेगा।
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