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गढ़वा| बाबू दिनेश सिंह गढ़वा के कृषि एवं वानिकी संकाय के डीन डॉ अशोक कुमार ने कहा है कि अर्नब तूफान का मुख्य चक्रवात केंद्र आंध्र प्रदेश के तटों से टकराकर उत्तर- पश्चिम की दिशा में बढ़ रहा है। चक्रवात का मुख्य केंद्र झारखंड तक पहुंचने की संभावना नहीं है। परंतु इसके बाहरी बादलों, नमी और वायुमंडलीय परिसंचरण के प्रभाव से 28 से 30 अक्टूबर के दौरान तेज हवा के साथ वर्षा और गरज- चमक होती रहेगी। सबसे अधिक वर्षा 29 अक्टूबर को रिकॉर्ड होने की संभावना है। यह मौसम धान की फसल जो पक कर तैयार है उसको खराब नहीं करेगा। परंतु जो कट गया है और खेत में है उसको अत्यधिक प्रभावित करेगा। जहां जमीन में पानी रुकेगा वहां बालियों में धान के अंकुरित होने की समस्या आ सकती है। तेज हवा के कारण धान के पौधे गिर भी सकते हैं जिससे उपज प्रभावित होगी। वैसे यह वर्षा रबी फसलों के बुवाई के लिए अति उपयुक्त है। इस वर्षा के बाद मौसम खुलने पर जैसे हीं खेत जुताई लायक हो, जुताई कर उपयुक्त रबी फसलों की बुवाई कर लें। भास्कर न्यूज | गढ़वा अर्नब चक्रवात का असर अब गढ़वा जिले में भी दिखने लगा है। बुधवार की शाम करीब साढ़े चार बजे से शहर सहित आसपास के इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हो गई। अचानक बदले मौसम के कारण लोगों को हल्की ठंड का एहसास होने लगा है। आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। मौसम में आए इस बदलाव का असर बाजारों और सड़कों पर भी देखने को मिला। बूंदाबांदी के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, दिनभर के कामकाज के बाद घर लौट रहे लोगों को भी बदलते मौसम के बीच सावधानी बरतनी पड़ी। आसमान में बादलों की मौजूदगी से बारिश की संभावना को लेकर लोग आशंकित नजर आए। मौसम के इस बदले मिजाज से किसानों की चिंताएं भी बढ़ सकती हैं। हालांकि, बारिश की मात्रा और इसके प्रभाव का वास्तविक आकलन मौसम की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही किया जा सकेगा। यदि बूंदाबांदी के बाद बारिश तेज होती है, तो इसका असर दैनिक गतिविधियों के साथ कृषि कार्यों पर भी पड़ सकता है। सरकारी, गैर सरकारी पठन-पाठन स्थगित रहेगा भारत मौसम विज्ञान विभाग भारत मौसम विज्ञान केंद्र झारखंड रांची के पूर्वानुमान के द्वारा झारखंड के विभिन्न जिलों में चक्रवात अर्नब एवं भारी बारिश की चेतावनी देते हुए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विदित हो की गढ़वा जिला को ऑरेंज जॉन की श्रेणी में चिह्नित करते हुए तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना व्यक्त गई है। उक्त तथ्य के आलोक में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत गढ़वा जिला अंतर्गत संचालित सभी कोटि के सरकारी, गैर सरकारी, प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं निजी विद्यालय में पठन-पाठन कार्य गुरुवार को स्थगित रहेगा। जबकि सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित रहकर गैर शैक्षणिक कार्य करेंगे। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी के द्वारा पत्र जारी कर दी गई है। अपने खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें किसान कृषि वैज्ञानिक डॉ अशोक कुमार ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं। खेतों में जलजमाव रोकने के लिए जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था पहले से कर लें, ताकि बारिश और तेज हवा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
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