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असम में आई बाढ़ की दर्दनाक तस्वीर, अंतिम संस्‍कार के लिए नहीं...


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असम: अंतिम संस्‍कार के लिए नहीं मिली जमीन, तो नाव में ही मृतक को मुखाग्नि

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असम में बाढ़ का पानी भले ही कुछ इलाकों में कम हुआ हो, लेकिन लोगों की मुश्किलें अभी भी बनी हुई हैं. नुमालीगढ़ के मरांगी इलाके में 28 साल के निर्मल ओरांग की बीमारी के चलते मौत हो गई. बाढ़ से घर घिरा होने के कारण परिवार उन्हें अस्पताल नहीं ले जा सका. मौत के बाद अंतिम संस्कार के लिए भी परिवार को सूखी जमीन नहीं मिली. आखिरकार शव को छोटी नाव से बाढ़ के पानी के बीच ले जाकर बांस के झुरमुट में ऊंची जगह पर अंतिम संस्कार किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 101 हो गई है.

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असम: अंतिम संस्‍कार के लिए नहीं मिली जमीन, तो नाव में ही मृतक को मुखाग्निZoom

दाह संस्‍कार के लिए जमीन नहीं मिलने पर नाव में ही अंतिम संस्‍कार करना पड़ा. (एआई इमेज)

Assam Flood: असम के नुमालीगढ़ में बाढ़ का पानी कुछ कम जरूर हुआ है, लेकिन लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. कई इलाकों में घर और खेत अब भी पानी में डूबे हैं. इसी बीच मरांगी के केंदुगुड़ी नंबर-2 इलाके से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने बाढ़ की तबाही की भयावह तस्वीर सामने रख दी है. यहां 28 साल के निर्मल ओरांग की बीमारी के चलते मौत हो गई. निर्मल लंबे समय से बीमार थे. उनकी हालत बिगड़ने पर परिवार उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना चाहता था. घर चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ था. पूरा इलाका पानी में डूबा होने के कारण परिवार उन्हें घर से बाहर नहीं निकाल सका.

आखिरकार निर्मल ने बिना इलाज के अपने ही बाढ़ से घिरे घर में दम तोड़ दिया. निर्मल अपने परिवार के इकलौते बेटे थे. उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका था. ऐसे में परिवार के लिए उनकी मौत किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी. लेकिन उनकी मौत के बाद भी परिवार की परेशानी खत्म नहीं हुई. बाढ़ का पानी इतना ज्यादा था कि परिवार अपने ही घर के परिसर में निर्मल का अंतिम संस्कार तक नहीं कर सकता था. आसपास कोई ऐसी सूखी और ऊंची जगह भी नहीं थी, जहां अंतिम संस्कार किया जा सके. इसके बाद परिवार ने निर्मल के शव को एक छोटी देशी नाव पर रखा और बाढ़ के पानी के बीच ऊंची जगह की तलाश में निकल पड़ा.

काफी तलाश के बाद शव को पास के एक बांस के झुरमुट तक ले जाया गया. वहां जमीन थोड़ी ऊंची थी और पानी से सुरक्षित जगह मिल सकी. इसी जगह सिर्फ चार रिश्तेदारों की मौजूदगी में निर्मल का अंतिम संस्कार किया गया. बाढ़ के बीच नाव पर शव ले जाने का यह दृश्य पूरे इलाके के लोगों के लिए बेहद भावुक और दर्दनाक है. नुमालीगढ़ में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन कई इलाकों में अब भी पानी भरा हुआ है. वेलाऊ गुढ़ी, कुमलिया चापोरी, चेसामुख, अवार घाट, शौंतली घाट, नंबर-3 कैवर्त गांव, कोरदोई गुढ़ी, केंदुगुड़ी, जाति पटिया और गांधी गांव जैसे इलाकों में कई घर अभी भी पानी में डूबे हुए हैं.

कई परिवार अब भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. पानी उतरने का इंतजार कर रहे इन परिवारों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब वे वापस लौटेंगे तो उनके घर और खेत किस हालत में होंगे. निर्मल के परिवार के लिए बाढ़ ने उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा छीन लिया. उनके सामने इलाज की सुविधा नहीं थी, घर से बाहर निकलने का रास्ता नहीं था और मौत के बाद अपने बेटे को सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने के लिए भी जमीन नहीं थी. आपको बता दें कि असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है. कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…

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