लोहरदगा|लोहरदगा, संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए मनाया जाने वाला अहोई अष्टमी का पर्व इस वर्ष एक नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाए जाने वाले इस पर्व पर माताएं श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर अहोई माता की पूजा-अर्चना करेंगी। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि अहोई अष्टमी मां और संतान के बीच प्रेम, त्याग, समर्पण, अटूट विश्वास का प्रतीक है। यह पर्व माताओं की श्रद्धा, संतान के प्रति उनके निःस्वार्थ प्रेम को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि परंपरागत रूप से यह व्रत पुत्रों के कल्याण के लिए किया जाता था।
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