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आगरा के किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने बताया कि आलू किसान बेहद परेशान है. उन्हें उनका लागत मूल्य तक मिल नहीं पा रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों की 1 हजार रूपये एक कुंटल लागत आती है लेकिन बाजारों में उन्हें सिर्फ 650 या 700 का भाव मिल रहा है. ऐसे में लाभ मूल्य तो दूर लागत मूल्य तक नहीं निकल रही है. किसान नेता ने बताया कि उद्यान मंत्री ने वादा किया है कि आगरा का आलू सड़ने या फेंकने नहीं दिया जायेगा.
आगराः आगरा में बड़े पैमाने पर आलू की खेती की जाती है. इस सीजन का आलू बदहाल स्थिति में है. आलू किसान ने बताया कि लागत मूल्य तक नहीं निकल पा रहा है. उन्होंने कहा कि कोल्ड में आलू रखा हुआ है लेकिन उसे कोई ले नहीं रहा है. यदि स्थिति एसी ही रही तो किसान भारी नुकसान और कर्ज तक में डूब सकते है. किसानों से सरकार से अपील कि है की पहले की तरह आलू अन्य राज्यों और देशो में भेजा जाये. जिससे उन्हें लागत और लाभ मूल्य मिल सके.
किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने बताया कि आगरा का आलू यूपी ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों और देशों तक मशहूर है, लेकिन वर्तमान हालत बहुत ज्यादा खराब है किसान हताश है ऐसे में आलू सड़ने तक का डर अब किसानों को सताने लगा है.
नहीं मिल पा रहा है लागत मूल्य
आगरा के किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने बताया कि आलू किसान बेहद परेशान है. उन्हें उनका लागत मूल्य तक मिल नहीं पा रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों की 1 हजार रूपये एक कुंटल लागत आती है लेकिन बाजारों में उन्हें सिर्फ 650 या 700 का भाव मिल रहा है. ऐसे में लाभ मूल्य तो दूर लागत मूल्य तक नहीं निकल रही है. किसान नेता ने बताया कि उद्यान मंत्री ने वादा किया है कि आगरा का आलू सड़ने या फेंकने नहीं दिया जायेगा.
आगरा का आलू ओडिशा भेजा जायेगा, लेकिन काफी वक़्त हो जाने के बाद भी अबतक आलू कोल्ड में ही है, ऐसे में किसानों की चिंता लगातर बढ़ती जा रही है. किसान नेता ने कहा कि पहले की तरह जैसे नेपाल, भूटान, मलेशिया आदि आगरा का आलू जाता था उसी तरह इस बार भी आलू बाहर देशों में भेजा जाये जिससे आगरा के किसान भुखमरी की कगार पर ना आएं.
कर्ज लेकर किसान करते हैं आलू की खेती
मोहन सिंह चाहर ने लोकल 18 से बताया कि आलू की खेती के लिए कई किसान कर्ज तक लेते है. वह समझते है कि जब आलू बिकेगा तो कर्ज वापस कर देंगे लेकिन इस सीजन में आलू की स्थिति काफी ज्यादा बदहाल स्थिति में है. किसानों को लागत मूल्य तक नहीं मिल रहा है ऐसे में वह कर्ज कैसे अदा कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि कर्ज में डूबा किसान आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर हो जाता है इसलिए सरकार से अपील है कि जल्द आलू किसानों की ओर कुछ सोचा जाये अन्यथा स्थिति गंभीर हो सकती है.
किसान नेता ने कहा कि यदि किसानों का आलू निर्यात नहीं कराया गया तो एक समय आएगा कि आगरा का आलू सड़को पर सड़ता हुआ दिखेगा और किसान कर्ज के कारण रोते हुए दिखेंगे, यह चिंता का विषय है जल्द आलू को अन्य राज्यों और देशों में निर्यात कराया जाये यही सरकार से अपील है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें