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Dhaan Ki Kheti: झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के गांव में अब धान रोपने का समय आ चुका है. यहां हर तरफ किसान धान रोपते हुए नजर आ रहे हैं. ऐसे में किसान उमाशंकर बताते हैं कि हमारे साइड खासतौर पर एक कीड़ा होता है, जिसको हम लोग ‘बांकी’ बोलते हैं. यह धान में ही होता है और यह धान को पीला कर देता है और सड़ा देता है. आइये जानते हैं इसके बारे में.
ऐसे में खासतौर कीटनाशक का प्रयोग करना बेहद जरूरी है, लेकिन कीटनाशक के प्रयोग के पहले अगर आपकी मिट्टी की उर्वरा शक्ति काफी शानदार है, तो इस तरह के कीड़े लगने की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाती है. ऐसे में सबसे पहले मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ानी होगी. इसके लिए गोमूत्र और सड़ा गोबर का मिश्रण काफी कारगर होता है. इसी में नीम का तेल भी डाल दीजिए.
किसान उमाशंकर बताते हैं कि इसके अलावा गुड़ और गोमूत्र को मिलाते हुए जब फसल को रोप दें. उसके बाद ऊपर से छिड़काव करें. ऐसा करने से इसकी जड़ें काफी मजबूत होंगी और कीड़े लगने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी. इसके अलावा खाद में नीम की खली और सरसों की खली का प्रयोग करें. यह दोनों ही काफी कारगर हैं. यह मिट्टी की उर्वरक शक्ति बढ़ाने में ठीक भी होती है.
किसान ने आगे बताया कि अगर आप देख रहे हैं कि कीड़े लग रहे हैं तो थोड़ा सचेत हो जाएं. हमेशा देखते रहें कि कीड़े कहां पर लग रहे हैं. ताकि इसे बढ़ने से रोका जाए. जहां पर यह थोड़ी भी लग गई है, उस जगह का पानी पूरी तरह हटा लें और उस जगह को पूरी तरह सुखा लें. ऐसा करना भी बहुत कारगर होता है. हम लोग कई बार इस तरह की चीज करते हैं और काफी अच्छे नतीजे देखने को मिलते हैं.
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इसके अलावा आपके पास अंतिम उपाय फिर बाजार का दवाई बचती है. अगर इन सारे तरीकों से भी कीड़े नहीं हट रहे हैं हालांकि, ये तरीके काफी कारगर होते हैं. अगर आप शुरुआत में ही यह सारे तरीके अपना लें तो दवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी.
नहीं तो फिर बाजार से बना बनाया ऑर्गेनिक दवाई मिलती है. जिसमें नीम व जामुन का सिरका और जहरीले पत्ते इन सभी चीजों के मिश्रण से तैयार किया जाता है. यह ऑर्गेनिक दवाई भी काफी फायदेमंद है. ये आपको किसी भी खाद स्टोर में मिल जाएगी.