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आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री ने बिंदुवार दिया जवाब:फर्जीवाड़ा के हेड मास्टर हैं...




झारखंड के स्वास्थ्य विभाग पर लगे घोटालों के आरोपों पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बुधवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर तीखा पलटवार किया। नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान (आईपीएच) के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में मंत्री ने मरांडी पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विभाग पर बिना किसी ठोस तथ्य के आरोप लगाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। डॉ. अंसारी ने कहा, “बाबूलाल मरांडी फर्जीवाड़े के ‘हेड मास्टर’ हैं। वे एक सप्ताह के भीतर यह साबित करें कि जिन 251 एंबुलेंस के बेकार पड़े होने की बात वे कर रहे हैं, वे कहां हैं? यदि वे इसका प्रमाण नहीं दे पाए, तो उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि विभाग में होने वाली सामान्य तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को विपक्ष जानबूझकर घोटाले का रूप दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग जनता की जिंदगी से जुड़ा है और यहां कई बार आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने पड़ते हैं। ब्याज व पीएल खाते की राशि पर मंत्री बोले— सीएजी को दे चुके हैं जवाब सीएजी (कैग) द्वारा आयकर दायित्व पर उठाई गई आपत्ति पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इंडेंटर से प्राप्त राशि पर अर्जित ब्याज निगम की आय नहीं, बल्कि संबंधित इंडेंटर की ही राशि होती है। इस मामले में आयकर विभाग के समक्ष अपील दायर की जा चुकी है। साथ ही, बीते 6 अप्रैल को सीएजी को आधिकारिक जवाब भी उपलब्ध करा दिया गया है। वहीं, पीएल (Personal Ledger) खाते की राशि को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि ‘झारखंड ट्रेजरी कोड 2016’ के अनुसार दो वित्तीय वर्षों के बाद राशि सरेंडर करने का प्रावधान है, लेकिन योजनाओं की आवश्यकता को देखते हुए वित्त विभाग से री-वैलिडेशन (पुनः वैधता) की प्रक्रिया जारी है। इसका जवाब भी समय पर सीएजी को भेजा जा चुका है। सभी 206 एंबुलेंस चालू हैं 108 एंबुलेंस सेवा पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-23 में खरीदी गईं सभी 206 एंबुलेंस सड़कों पर हैं और पूरी तरह संचालित हैं। विशेषज्ञ समिति की जांच, एआरएआई (ARAI) प्रमाणन, आरटीओ (RTO) रजिस्ट्रेशन और बीमा प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इन्हें सेवा में शामिल किया गया था। नियमों के तहत ही रोड टैक्स में भी छूट ली गई थी और इस पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड विभाग के पास सुरक्षित है। एक्सपायर्ड दवाओं पर स्पष्टीकरण वेयरहाउस में दवाओं के एक्सपायर (समय-सीमा समाप्त) होने पर मंत्री ने कहा कि कुल खरीद की तुलना में एक्सपायर्ड दवाओं की लागत एक प्रतिशत से भी कम है। अधिकांश दवाएं लैब जांच या ड्रग कंट्रोलर द्वारा अस्वीकृत होने के कारण उपयोग में नहीं लाई गईं। विभाग की दवा वितरण व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी है। 104 हेल्पलाइन सेवा पर पारदर्शी निविदा हुई 104 हेल्पलाइन सेवा पर मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में पूरी तरह पारदर्शी निविदा (टेंडर) प्रक्रिया अपनाई गई थी। वहीं, शैलेंद्र श्रीवास्तव की नियुक्ति पर उठे सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अक्टूबर 2025 में विज्ञापन निकालने और वॉक-इन-इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यह नियुक्ति की गई थी। मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि वे बाबूलाल मरांडी को एक दूरबीन भेंट करेंगे, ताकि उन्हें जमीन पर हो रहा विकास साफ दिखाई दे सके। भाजपा गीदड़भभकी से नहीं डरती: अजय साह इधर, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने बाबूलाल मरांडी पर केस दर्ज कराने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ऐसी गीदड़भभकी से नहीं डरती। उन्होंने कहा कि सीएजी की रिपोर्ट में साफ तौर पर लाखों रुपए की दवाइयां सड़ने की बात कही गई है; वे दवाइयां सड़ गईं या विभाग उन्हें खा गया, स्वास्थ्य मंत्री को इस बात का सीधा जवाब देना चाहिए था।



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