कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ डॉ कमलेश बताते हैं कि फसल की बोवनी के 18 से 20 दिन बाद ही खेतों में उगने वाले चारे में दवा का छिड़काव कर देना चाहिए. क्योंकि इस समय चारा 20 दिनों का रहता है. 20 दिनों का चारा ज्यादा बड़ा नहीं हो पाता है. इसलिए दवाओं से ये चारा पूरी तरह खत्म हो जाता है. इस समय खरीफ फसलों में कनकौआ, पत्थरचट्टा, समई जैसे चारे देखने को मिल जाते हैं. मूंगफली, मूंग-उड़द और तिल जैसी फसलों में सकरी और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार उग आते हैं.
