![]()
उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल के अंदर आज सुबह चट्टान गिर गई है, जिससे एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय नरेश, निवासी झारखंड, के रूप में हुई है। टनल परियोजना प्रबंधक श्रीराम ने बताया कि हादसा रात करीब 2 बजे हुआ। शुरुआती जांच में पता चला है कि बड़कोट छोर से लगभग 900 मीटर अंदर टनल की कंक्रीट लाइनिंग (शॉटक्रीट) का एक हिस्सा ढह गया, जिसकी चपेट में यह श्रमिक आ गया। सूचना मिलते ही प्रशासन, संबंधित एजेंसियों और निर्माण कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और जांच की कार्रवाई शुरू करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। DM प्रशांत आर्य ने SDM बड़कोट को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। सिलसिलेवार ढंग से पूरी खबर… 1. 4.5 किलोमीटर लंबी टनल के अंदर हादसा- उत्तरकाशी की निर्माणाधीन 4.5 किलोमीटर लंबी सिल्क्यारा-बड़कोट टनल के अंदर अचानक चट्टान गिरने और कंक्रीट लाइनिंग (शॉटक्रीट) का एक हिस्सा ढहने से एक श्रमिक की मौत हो गई। हादसा 15 जुलाई 2026 की मध्य रात्रि (देर रात करीब 12:20 बजे से 2:00 बजे के बीच) तब हुई, जब मजदूर टनल के अंदर काम में जुटे हुए थे। अचानक ऊपर से एक बड़ा पत्थर गिरा और कंक्रीट का हिस्सा ढह गया, जिससे वहां मौजूद अन्य मजदूर भी सहम गए। 2. झारखंड से आया था काम करने- मृतक श्रमिक की पहचान 22 वर्षीय नरेश के रूप में हुई है। वह मूल रूप से झारखंड का रहने वाला था। टनल परियोजना प्रबंधक श्रीराम ने भी मृतक की पहचान की आधिकारिक पुष्टि की है। 3. रेस्क्यू और अस्पताल में डॉक्टरों की कोशिश- हादसे के तुरंत बाद टनल के अंदर मौजूद कंपनी के कर्मचारियों और प्रबंधन ने गंभीर रूप से घायल नरेश को मलबे से बाहर निकाला। कंपनी प्रबंधक ने घायल मजदूर को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) नौगांव पहुंचाया। नरेश के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में बेहद गंभीर चोटें आई थीं। डॉक्टरों ने उसे बचाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन नाजुक स्थिति होने के कारण उसे मृत घोषित कर दिया गया। कंपनी प्रबंधन ने घटना की सूचना तत्काल झारखंड में रह रहे मृतक के परिजनों को दे दी है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। 4. बड़कोट छोर से 900 मीटर अंदर हुआ हादसा- प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह हादसा टनल के बड़कोट साइड (छोर) से लगभग 900 मीटर अंदर हुआ। वहां टनल की कंक्रीट लाइनिंग (शॉटक्रीट) का एक हिस्सा अचानक ढह गया था, जिसकी चपेट में नरेश आ गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, संबंधित सुरक्षा एजेंसियों और निर्माण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और शुरुआती जांच की कार्रवाई शुरू करते हुए अधिकारियों ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। 5. मजदूरों का गुस्सा फूटा- हादसे के बाद टनल में काम करने वाले अन्य श्रमिकों में भारी आक्रोश फैल गया। मजदूरों ने परियोजना स्थल पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और निर्माण कार्य के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए। नगल गांव के प्रधान अरविंद भट्ट ने कहा कि टनल में लगातार हो रही इन दुर्घटनाओं ने निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 6. NHIDCL ने शुरू की विस्तृत जांच- जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) के अनुसार, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) ने एक विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी और उसी के आधार पर आगे की कानूनी व सहायता संबंधी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। 7. नवंबर 2023 के बड़े हादसे की यादें हुईं ताजा- सिल्क्यारा टनल नवंबर 2023 में भी एक बेहद बड़े और अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहे हादसे का गवाह बनी थी। उस समय टनल का एक बड़ा हिस्सा ढह जाने से 41 मजदूर अंदर फंस गए थे। करीब 17 दिनों तक चले बेहद जटिल और ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। अब इस नए हादसे ने टनल निर्माण के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
Source link