बहुचर्चित रिम्स जमीन फर्जीवाड़ा मामले में आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। मामले में आरोपी राजेश झा और चेतन बड़ाइक की जमानत याचिका पर एसीबी ने अदालत में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। वहीं, सुमित्रा कुमारी बड़ाइक की अग्रिम जमानत याचिका पर भी एसीबी की ओर से जवाब प्रस्तुत किया गया है। अब इन तीनों याचिकाओं पर अदालत में 14 मई को सुनवाई होगी। इधर, मामले के अन्य आरोपी राजकिशोर बड़ाइक और कार्तिक बड़ाइक की जमानत याचिका पर 13 मई को सुनवाई निर्धारित की गई है। दोनों आरोपियों ने 11 मई को अदालत में जमानत की गुहार लगाई थी। मामले में एसीबी ने 7 अप्रैल को राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, राजेश झा व चेतन कुमार को अरेस्ट किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलीभगत से रिम्स की अधिग्रहीत जमीन को निजी संपत्ति साबित करने के उद्देश्य से फर्जी वंशावली तैयार की। मामला वर्ष 1964-65 में अधिग्रहित करीब 9.65 एकड़ जमीन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से अपार्टमेंट, दुकान और मकान का निर्माण कर लिया गया था। रिम्स जमीन फर्जीवाड़ा मामला सामने आने के बाद इस पर लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। बाद में झारखंड हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद एसीबी ने 5 जनवरी 2026 को प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।
Source link