Last Updated:
फारूक अब्दुल्ला ने खीर भवानी मेले में कहा, कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी अब दूर नहीं होनी चाहिए. दोनों पक्षों से पहल और आपसी भरोसे पर जोर दिया. उन्होंने कहा- हम उनका इंतजार कर रहे हैं; उन्हें आना चाहिए.
फारुक अब्दुल्ला ने माता खीर भवानी मंदिर में किए दर्शन.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि कश्मीरी पंडितों की घाटी में वापसी का समय अब दूर नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित अपने घर लौटें और पहले की तरह उनके बीच रहकर अपना जीवन बिताएं. फारूक अब्दुल्ला ने यह बात सोमवार को गांदरबल जिले के तुलमुल्ला स्थित प्रसिद्ध खीर भवानी मंदिर में आयोजित वार्षिक मेले के दौरान कही.
मीडिया से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा, माता राग्न्या देवी के आशीर्वाद से वह भाईचारा फिर से लौटता दिख रहा है, जो कई वर्षों से गायब था. हम प्रार्थना करते हैं कि जल्द वह दिन आए, जब कश्मीरी पंडित अपने घरों में लौटकर हमारे बीच रहें. उन्होंने कहा कि घाटी में ऐसा माहौल बन रहा है, जिससे लोगों के बीच आपसी विश्वास और सौहार्द मजबूत हो रहा है.
खुद पहल करनी होगी
कश्मीरी पंडितों की वापसी की संभावना पर पूछे गए सवाल के जवाब में फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि इसके लिए दोनों पक्षों को आगे आना होगा. उन्होंने कहा, व्यक्ति को खुद भी पहल करनी होगी. अगर वह कोशिश नहीं करेगा तो वापसी कैसे होगी? यहां सभी जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद हैं. लोग भी चाहते हैं कि वे लौटें और हम भी यही दुआ करते हैं कि वह दिन जल्द आए.
हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
सोमवार को आयोजित वार्षिक खीर भवानी मेले में जम्मू-कश्मीर और देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया. माता राग्न्या देवी को समर्पित यह मंदिर कश्मीरी पंडित समुदाय के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है. हर साल ज्येष्ठ अष्टमी के अवसर पर यहां विशाल मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हैं.
About the Author
Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें