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प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को पत्र लिखा है। पत्र में भानु ने कहा कि किशोर भैया लगता है कांग्रेस और आपके गठबंधन सरकार को आपकी जरूरत नहीं है। नौकरशाही के सामने नंबर दो के मंत्री भला इतना लाचार कैसे हो सकते हैं। उनके मुंह पर इस्तीफा दे मारें। बिना ‘ऊपर वाले बॉस’ की हरी झंडी के कोई अधिकारी भला कैबिनेट मंत्री के पत्र को कैसे अंगूठा दिखा सकता है। रविवार को लिखे इस पत्र में भानु ने झारखंड सरकार में नौकरशाही के हावी होने और मंत्रियों की कथित बेबसी को लेकर तीखा हमला बोला। पत्र में भानु ने कहा कि अखबारों में मंत्री की ‘चिर-परिचित’ पीड़ा पढ़कर उन्हें तकलीफ हुई है। झारखंड सरकार में कद्दावर मंत्री होने के बावजूद राज्य की नौकरशाही के सामने जिस तरह लाचार, बेबस और असहाय दिख रहे हैं, इस घटना ने मेरे जैसे विपक्ष के नेता को भी अंदर से कचोट दिया है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्ता को अनुभवी मार्गदर्शकों की नहीं, बल्कि सिर्फ ‘जी-हुजूरी’ करने वालों की दरकार है। उन्होंने अंदेशा जताया कि पर्दे के पीछे यह पूरी पटकथा इसलिए लिखी जा रही है, ताकि मंत्री रोज-रोज के अपमान से तंग आकर खुद घर बैठ जाएं या फिर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए। शाही ने पलामू की माटी का हवाला देते हुए लिखा है कि इस तरह घुट-घुट कर मंत्री पद की शोभा बढ़ाने और किसी अपमानजनक बर्खास्तगी का इंतजार करने से बेहतर होगा कि आप अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंकें और अपना इस्तीफा दे दें। पलामू का कोई नेता नौकरशाही के आगे इतना लाचार दिखे, यह वहां की जनता के लिए असहनीय है। पत्र के अंत में उन्होंने उम्मीद जताई कि मंत्री अपने स्वाभिमान को सर्वोपरि रखते हुए जल्द ही कोई साहसिक निर्णय लेंगे। पत्र नहीं मिला है, इसलिए टिप्पणी नहीं करूंगा : : इस संबंध में पूछे जाने पर राज्य के वित्त मंत्री व कांग्रेसी नेता राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुझे ऐसा पत्र नहीं मिला है, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं नहीं करूंगा।
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