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सिटी एंकर बोकारो समेत पूरे झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक जिले सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे और गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। कई इलाकों के लिए भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के प्रभाव से झारखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। 19 से 23 जुलाई के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम केंद्र के मुताबिक अगले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। रविवार की सुबह बोकारो में आसमान बादलों से ढका रहा और कई क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम शुष्क बना रहा। इसके बावजूद वातावरण में नमी बनी रही और लोगों को पूरे दिन बादलों की आवाजाही देखने को मिली। देर शाम तक रुक रुक कर बारिश होती रही। वहीं, बीते शनिवार को देर रात तक जिले में 32 एमएम बारिश हुई। रविवार को 4.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटे में हुई अच्छी बारिश से जिले में कृषि गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुआई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी बनने लगी है, जिससे किसानों ने राहत की सांस ली है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश धान, मक्का और दलहनी फसलों के लिए लाभकारी साबित होगी। कई क्षेत्रों में किसान रोपाई और खेत तैयार करने के काम में जुट गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है, जिससे खेती को और फायदा मिलेगा। पिछले साल की तुलना में 180 मिमी कम बारिश इस वर्ष अब तक जिले में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 19 जुलाई 2025 तक बोकारो में 347 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी, जबकि इस वर्ष इसी अवधि तक केवल 171 मिमी बारिश हुई है। यानी पिछले साल की तुलना में अब तक करीब 180 मिमी कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की रफ्तार धीमी रहने के कारण बारिश असमान हुई। अच्छी बारिश से खेती को मिलेगा फायदा रविवार की शाम को हुई बारिश के समय लेक रोड सेक्टर तीन।
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