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सिमडेगा| 87वें अखिल भारतीय खड़िया महाडोकलो सम्मेलन के बाद समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज की भागीदारी और भविष्य की व्यवस्थाओं पर मंथन हुआ।फादर जी हेरमन ने सम्मेलन में युवाओं की कम उपस्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में युवा अपनी संस्कृति के प्रति उदासीन हो रहे हैं। माता-पिता को बच्चों को सही राह दिखाने की जरूरत है। संस्कृति और पहचान बचाने के लिए युवा पीढ़ी को जागरूक करना जरूरी है। बताया गया कि युवाओं को जोड़ने के लिए स्कूल-कॉलेजों में नई खड़िया यूथ कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया। इससे अखिल भारतीय खड़िया महासंघ में युवाओं की भागीदारी बढ़ेगी।अल्फोंस डुंगडुंग ने आगामी आयोजनों के लिए समय पर सूचना और बेहतर प्रबंधन की बात कही। कार्यकारिणी स्थानीय समितियों से पहले समन्वय कर तैयारी करेगी।बैठक में निवर्तमान महासोहोर व टीम को योगदान के लिए धन्यवाद दिया गया। नए महासोहोर रजत कुमार टेटे और नई टीम का स्वागत किया गया। समाज को सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सहयोग की अपील की गई। मौके पर जोन डुंगडुंग, रतिया इंतजार, जेवियर सोरेंग, इसीदोर केरकेट्टा, किरण कुल्लू, मुक्ता टेटे, अंकिता डुंगडुंग, मीडिया प्रभारी अनुरंजन किड़ो सहित कई बुद्धिजीवी मौजूद थे।
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