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JPSC-JSSC Protest: रांची में JPSC-JSSC परीक्षा कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन जारी है. आज 16वें दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि- गड़बड़ी करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी. युवाओं को डराने, बदनाम करने या दबाव बनाने से समस्या हल नहीं होगी.
छात्र आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन क्या बोले? (फाइल फोटो)
रांचीः झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की बात खुले तौर पर सुन रही है. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है तो छात्रों को न्याय मिलेगा. जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हेमंत सोरेन ने कहा कि आज युवा अपने अधिकार के लिए आंदोलन और प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने गड़बड़ी पकड़ ली है. अब युवाओं को न्याय दिलाने का काम किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने छात्रों से भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि दोषियों को सजा मिलेगी.
रांची में रविवार को आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि- छात्र आंदोलन को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखने की बात कही. उन्होंने छात्रों से कहा कि उन्हें किसी राजनीतिक दल की छत्रछाया की जरूरत नहीं है. छात्रों का अधिकार है कि उन्हें न्याय मिले और यह जिम्मेदारी सरकार की है. हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि देशभर में युवाओं को अलग-अलग तरीकों से राजनीतिक रूप से प्रभावित और गुमराह करने की कोशिश हो रही है. उन्होंने छात्रों से ऐसी कोशिशों से सावधान रहने की अपील की.
‘डराने-धमकाने से नहीं, संवाद से होगा समाधान’
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही हो सकता है. उन्होंने कहा कि युवाओं को डराने, बदनाम करने या दबाव बनाने से समस्या हल नहीं होगी. उनके मुताबिक, सरकार को छात्रों के साथ संवाद के जरिए आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि लाठी-डंडे और गोली की जरूरत सीमा पर दुश्मनों के खिलाफ होती है, अपने ही देश के लोगों के साथ किसी समस्या का समाधान इस तरह नहीं किया जा सकता.
घर बैठे छात्रों की बात भी सुनेगी सरकार
हेमंत सोरेन ने कहा कि अब सरकार सिर्फ आंदोलन स्थल पर पहुंचकर छात्रों की बात नहीं सुनेगी. सरकार की कोशिश होगी कि जो युवा घर बैठे अपनी बात रखना चाहते हैं, उनकी आवाज भी सरकार तक पहुंचे. इसके लिए सुझाव और शिकायतों को सामने लाने की व्यवस्था पर काम किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की भावनाएं और उनकी चिंताएं सरकार की भी चिंता हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि संवैधानिक पद पर रहते हुए सरकार छात्रों के साथ पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेगी और यह भी दिखाने का प्रयास करेगी कि न्याय हुआ है.
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