Last Updated:
गोरखपुर के अजय गौतम और अपर्णा आज योग जगत में एक जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं. वह नियमित रूप से लोगों को योग का प्रशिक्षण देते हैं और विभिन्न मंचों पर योग गुरु के रूप में अपनी प्रस्तुति भी देते हैं. उनकी दिनचर्या की शुरुआत सुबह योगाभ्यास से होती है, जिसके बाद वह विद्यार्थियों और अन्य लोगों को योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रशिक्षण देते हैं.
गोरखपुरः जब योग सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन का मार्ग बन जाए तो हर दिन ऐसी क्रियाएं करनी ही पड़ती है, जहां हर साल 21 जून को देशभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है. पार्कों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर हजारों लोग योग करते दिखाई देते हैं. लेकिन गोरखपुर में दो ऐसे नाम हैं. जिनके लिए योग केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है. ये हैं अजय गौतम और अपर्ण, जिन्होंने अनुशासन, अभ्यास और समर्पण के बल पर योग को अपनी पहचान बना लिया है.
सुबह योगाभ्यास से होती शुरुआत
गोरखपुर के अजय गौतम आज योग जगत में एक जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं. वह नियमित रूप से लोगों को योग का प्रशिक्षण देते हैं और विभिन्न मंचों पर योग गुरु के रूप में अपनी प्रस्तुति भी देते हैं. उनकी दिनचर्या की शुरुआत सुबह योगाभ्यास से होती है, जिसके बाद वह विद्यार्थियों और अन्य लोगों को योग की विभिन्न क्रियाओं का प्रशिक्षण देते हैं. अजय केवल आसनों का प्रदर्शन ही नहीं करते, बल्कि लोगों को यह भी बताते हैं कि कौन-सा योग किस प्रकार शरीर और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. उनका मानना है कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित बनाने की कला भी है.
शरीर की लचक देख लोग होते हैरान
दूसरी ओर गोरखपुर की अपर्ण ने योग और जिमनास्टिक के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है. उनकी लचक और संतुलन देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो उनका शरीर रबर की तरह लचीला हो, नेहा ने कम उम्र से ही कठिन अभ्यास शुरू किया और आज वह कई बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं. स्टेट लेवल प्रतियोगिताओं में नेहा कई पदक जीत चुकी हैं. उनकी सफलता के पीछे उनके पिता का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने ही अपर्ण को शुरुआती मार्गदर्शन दिया और लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.
सुबह से शुरू होती सफलता की तैयारी
अपर्ण रोज सुबह 4 बजे उठकर अभ्यास शुरू करती हैं. घंटों की मेहनत और नियमित प्रशिक्षण ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है. वहीं अजय गौतम भी प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हुए दूसरों को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं. अजय गौतम और नेहा की कहानी यह साबित करती है कि योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने वाला माध्यम है. जहां अधिकांश लोग योग दिवस पर योग करते हैं, वहीं ये दोनों हस्तियां पूरे वर्ष योग और फिटनेस के जरिए समाज को स्वस्थ रहने का संदेश दे रही हैं. गोरखपुर के ये दोनों चेहरे आज युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन चुके हैं.
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें