Gaur City Underpass News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी अंडरपास का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसके शुरू होने की उम्मीद है. इस अंडरपास से गाजियाबाद की ओर से आने और जाने वाले वाहनों को काफी हद तक सहूलियत मिलने की संभावना है. हालांकि, परथला से गौर चौक होते हुए एक मूर्ति की ओर जाने वाले लोगों को अभी भी जाम की समस्या से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि अंडरपास बनने से ट्रैफिक व्यवस्था में कुछ सुधार जरूर होगा, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लगातार बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए यह पर्याप्त नहीं है. लोगों का मानना है कि जब तक दूसरे प्रमुख चौराहों पर भी ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर नहीं बनाया जाएगा, तब तक जाम की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी.
स्थानीय निवासी दीपेंदु सिंह ने बताया कि गौर सिटी अंडरपास का निर्माण एक सराहनीय कदम है. इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल की भी सराहना की. उनका मानना है कि इस अंडरपास से गाजियाबाद की ओर से आने वाले और वहां जाने वाले ट्रैफिक को सहूलियत मिल सकती है. खासकर, जो वाहन गाजियाबाद से एनएच-2 की ओर या एक्सप्रेसवे की दिशा में जाते हैं, उनके लिए आवागमन आसान होने की संभावना है.
नाकाम ट्रैफिक पुलिस पर फूटा लोगों का गुस्सा
हालांकि, उन्होंने ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस क्षेत्र में सुबह और शाम के व्यस्त समय में पर्याप्त ट्रैफिक प्रबंधन दिखाई नहीं देता. सुबह आठ से 11 बजे और शाम छह से रात 10 बजे तक यहां वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है. इसके बावजूद यातायात को व्यवस्थित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी पर्याप्त नहीं रहती.
दीपेंदु सिंह ने कहा कि परथला से एक मूर्ति तक पहुंचने में सामान्य परिस्थितियों में लगभग 15 मिनट लगने चाहिए, लेकिन जाम के कारण कई बार यही सफर आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक खिंच जाता है. ऐसे में केवल अंडरपास का निर्माण ही नहीं, बल्कि मौके पर बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन भी जरूरी है.
परथला से एक मूर्ति तक जाम से कब मिलेगी राहत?
स्थानीय निवासी उत्कर्ष ने कहा कि गौर सिटी अंडरपास बनने से ट्रैफिक व्यवस्था में कुछ सुधार जरूर होगा, लेकिन ग्रेटर नोएडा वेस्ट के दूसरे प्रमुख चौराहों पर भी ध्यान देने की जरूरत है. क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी के कारण सड़कों पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. सुबह और शाम के समय कई स्थानों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय निवासियों को परेशानी होती है.
उन्होंने कहा कि गाजियाबाद से एनएच-2 और एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों को अंडरपास से फायदा मिल सकता है. इससे कुछ मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है. लेकिन परथला से एक मूर्ति की ओर जाने वाले लोगों की समस्या का समाधान तभी होगा, जब इस मार्ग पर भी यातायात को सुचारु बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.
कहा कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट में जिस तेजी से आबादी बढ़ रही है, उस हिसाब से यहां की सड़कों और चौराहों की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की जरूरत है. प्रशासन को उन स्थानों की पहचान करनी चाहिए, जहां रोजाना सबसे ज्यादा जाम लगता है, और वहां जल्द से जल्द सुधार कार्य कराने चाहिए.
अंडरपास के साथ दूसरे रास्तों पर भी जरूरी है ध्यान
बताया कि गौर सिटी अंडरपास से मिलने वाला वास्तविक फायदा इसके शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा. यह देखना होगा कि इससे किन मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होता है और किन रास्तों पर पहले जैसी स्थिति बनी रहती है. लोगों को उम्मीद है कि अंडरपास शुरू होने से गाजियाबाद की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही आसान होगी, लेकिन परथला से एक मूर्ति तक जाम की समस्या दूर करने के लिए अलग से योजना बनाने की जरूरत है.