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चित्रकूट में उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को नई पहचान देने की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है. जिसमें राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) नई दिल्ली और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में चित्रकूट में चिल्ड्रन थिएटर वर्कशॉप आयोजित की जा रही है.इस कार्यशाला में चित्रकूट के दिव्यांग बच्चों के साथ-साथ सामान्य बच्चों को भी शामिल किया गया है, जहां उन्हें अभिनय, संगीत, चित्रकला, वॉइस और स्पीच जैसी विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
चित्रकूटः अभी तक दिव्यांग बच्चों को अक्सर सीमित अवसरों के बीच देखा जाता है, लेकिन चित्रकूट में उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को नई पहचान देने की दिशा में एक अनूठी पहल की जा रही है. जिसमें राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) नई दिल्ली और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में चित्रकूट में चिल्ड्रन थिएटर वर्कशॉप आयोजित की जा रही है.इस कार्यशाला में चित्रकूट के दिव्यांग बच्चों के साथ-साथ सामान्य बच्चों को भी शामिल किया गया है, जहां उन्हें अभिनय, संगीत, चित्रकला, वॉइस और स्पीच जैसी विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा नई दिल्ली की टीम पहुंची चित्रकूट
आप को बता दे कि इस विशेष कार्यशाला के लिए नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा नई दिल्ली की टीम चित्रकूट पहुंची है.जहां टीम के द्वारा बच्चों को केवल रंगमंच की बारीकियां ही नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.उन्हें सही ढंग से बोलना, मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखना, बैठने और संवाद करने का तरीका भी सिखाया जा रहा है, ताकि वे समाज में खुद को मजबूती के साथ प्रस्तुत कर सकें.और अपने जीवन काल में आगे बढ़ सके.
जानकारी के लिए बता दे कि वर्कशॉप के दौरान बच्चों द्वारा शबरी के राम विषय पर आधारित एक नाट्य प्रस्तुति तैयार की जा रही है.इस नाटक में अन्य बालिकाओं के साथ साथ दिव्यांग बालिकाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.इसके साथ ही वे अपनी संगीत प्रतिभा का भी प्रदर्शन करेंगी. इसमें शामिल होने के बाद दिव्यांग बच्चों के अन्दर आत्मविश्वास बढ़ेगा
चित्रकूट से दिव्यांग बच्चियों का भी चयन
वही दिल्ली से आई मुस्कान गोस्वामी ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा देश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की समर वर्कशॉप आयोजित करता है.चित्रकूट में भी सामान्य और दिव्यांग बच्चों का चयन कर उन्हें एक साथ प्रशिक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब टीम ने यहां काम शुरू किया था, तब कई बच्चों में आत्मविश्वास की कमी थी और वे खुलकर बात भी नहीं कर पाते थे. लेकिन पिछले एक महीने की नियमित ट्रेनिंग के बाद उनके व्यवहार और प्रदर्शन में बदलाव देखने को मिला है.
21 जून को दिल्ली में होगा प्रस्तुति
उन्होंने आगे की जानकारी में बताया कि 17 जून को ग्रामोदय विश्वविद्यालय में शबरी के राम नाटक का रिहर्सल आयोजित होगा, जिसमें सभी चयनित दिव्यांग बच्चे भाग लेंगे. इसके बाद 21 और 22 जून को नई दिल्ली स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में इस नाटक और बच्चों की संगीत प्रस्तुतियों का मंचन किया जाएगा.इस कार्यक्रम में चित्रकूट से कुल 39 बच्चे हिस्सा लेने जाएंगे, जबकि देश के अन्य 7 जगहों से भी कई अन्य बच्चे अपनी प्रस्तुतियां देंगे. इस पहल से दिव्यांग बच्चों को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान मिलेगी और उनका आत्म बल भी बढ़ेगा.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें