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जंगल में मिलीं एक्सपायरी आयरन-फोलिक एसिड गोलियां:स्कूली बच्चों के लिए थीं दवाइयां,...




लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र में मनिका और दोमुहान नदी के बीच जंगल में सरकारी दवाइयां फेंके जाने का मामला सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर यह मुद्दा उठाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। उपायुक्त संदीप कुमार के निर्देश पर मनिका बीडीओ संदीप कुमार, सीओ अमन कुमार और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दिव्या क्षितिज कुजूर के नेतृत्व में एक जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान जंगल क्षेत्र से दो पेटियों में दवाइयां बरामद की गईं। कुछ दवाइयां एक्सपायरी पाई गई प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुजूर ने बताया कि बरामद दवाइयां आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियां हैं। ये गोलियां बीआरसी के माध्यम से स्कूली छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने पुष्टि की कि जांच में कुछ दवाइयां एक्सपायरी पाई गई हैं। दवाइयों के स्रोत की पुष्टि बैच नंबर के मिलान से ही हो सकेगी। सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही जांच के लिए टीम भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि दवाइयां कहां से आईं और किन परिस्थितियों में जंगल में फेंकी गईं, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड के गरीब मरीज सरकारी अस्पतालों में दवा, डॉक्टर और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं, जबकि लाखों रुपए की सरकारी दवाइयां सड़क किनारे और जंगलों में फेंकी जा रही हैं। बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि जब मरीज दवा के अभाव में परेशान हैं तो ये दवाइयां जंगल में कैसे पहुंचीं, इसके लिए कौन जिम्मेदार है और अब तक संबंधित अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।



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