भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

जज पवित्र नहीं, जूडिशियरी में भी घोर भ्रष्टाचार…NCERT की बात पर मचा...


होमताजा खबरदेश

जज पवित्र नहीं, जूडिशियरी में भी भ्रष्टाचार…अब हाईकोर्ट ने लगा दी मुहर

Last Updated:

न्‍यायपाल‍िका में भ्रष्‍टाचार होने की बात पर अब मद्रास हाईकोर्ट ने मुहर लगा दी है. हाईकोर्ट ने स्‍पष्‍ट कहा क‍ि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है, जज पवित्र गाय नहीं हैं. कुछ दिन पहले यही बात एनसीईआरटी ने अपने 8वीं कक्षा के स‍िलेबस में कही थी तो बवाल हो गया था और सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कड़ी आपत्‍त‍ि जताकर इसे हटवा द‍िया था.

ख़बरें फटाफट

जज पवित्र नहीं, जूडिशियरी में भी भ्रष्टाचार...अब हाईकोर्ट ने लगा दी मुहर Zoom

न्‍यायपाल‍िका में भ्रष्‍टाचार को लेकर अब मद्रास हाईकोर्ट ने बड़ा बयान द‍िया है.

Corruption in Judiciary: न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. मद्रास हाईकोर्ट ने ज्यूडिशियरी में करप्शन की पुष्टि करते हुए बड़ा बयान दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायपालिका में भी भ्रष्टाचार है और जज कोई पवित्र गाय नहीं हैं.

कुछ दिन पहले एनसीईआरटी की किताबों में छपे न्यायपालिका में भ्रष्टाचार चेप्टर को लेकर बवाल मच गया था. खुद सुप्रीम कोर्ट ने इस अध्याय को शामिल किए जाने पर एनसीईआरटी की जमकर खिंचाई की थी और इसे तुरंत वापस लेने का आदेश दिया था. हालांकि अब खुद हाईकोर्ट ने इस बुराई को न केवल उभार दिया है बल्कि इसके मौजूद होने पर मुहर भी लगा दी है.

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिल फिल्म ‘करुप्पु’ पर दिए गए फैसले में अभिव्यक्ति की आजादी का बचाव करते हुए कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को नकारा नहीं जा सकता. कोर्ट ने कहा, “जजों को पवित्र गाय की तरह नहीं मानना चाहिए.”

वेकेशन बेंच के जस्टिस जीआर स्वामीनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश एसपी भरुचा के पुराने सार्वजनिक बयानों और सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों का हवाला दिया जिनमें न्यायिक भ्रष्टाचार को माना गया है.

कोर्ट ने कहा कि उच्च न्यायपालिका अपने अंदर की काली भेड़ यानि अवांछनीय व्यक्तियों के खिलाफ नियमित रूप से कार्रवाई करती है. इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है. भ्रष्ट जज पहले भी थे और आज भी हैं.

एनसीआरटी की इसी बात पर हुआ था बवाल
बता दें कि अब मद्रास हाईकोर्ट ने जज और न्यायपालिका को लेकर भले ही यह कहा है कि यहां भी भ्रष्टाचार है लेकिन कुछ दिन पहले एनसीईआरटी ने अपनी कक्षा 8वीं की सामाजिक विज्ञान की किताबों में एक अध्याय जोड़ा था, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की बात कही गई थी.

जैसे ही यह चेप्टर सामने आया, इस पर बवाल मच गया और खुद चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सीजेआई सूर्यकांत ने इसे न्यायपालिका की छवि खराब करने वाला और बच्चों के मन में नकारात्मकता पैदा करने वाला माना. जबकि एनसीईआरटी ने इस अध्याय में लंबित मामलों और पूर्व न्यायाधीशों के बयानों को भी शामिल किया था.

यह मामला इतना बढ़ गया कि एनसीईआरटी को बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी और किताबों में से इस अध्याय को हटाना पड़ा. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किताब की सभी भौतिक प्रतियों और डिजिटल संस्करणों को भी हटाना पड़ा.

About the Author

प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top