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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के मामले में सीआईडी ने मंगलवार को झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते से आठ घंटे तक पूछताछ की। सीआईडी का मुख्य फोकस ब्लैकलिस्टेड एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. को परीक्षा संचालन का काम सौंपने पर रहा। उनकी अमेरिकी यात्रा पर भी सवाल पूछे गए। वे देश छोड़कर बाहर न जा सकें, इसलिए उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया। सीआईडी उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई। इसलिए बुधवार को उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ख्यांगते मंगलवार सुबह 11 बजे कैब से डोरंडा स्थित सीआईडी मुख्यालय (राजा-रानी कोठी) पहुंचे। सीआईडी ने उनसे पूछताछ के लिए पहले से ही सवालों की लंबी सूची तैयार कर रखी थी। उनके पहुंचते ही सवालों की झड़ी लगा दी। जवाब देने में ख्यांगतेकई बार असहज नजर आए। सीआईडी ने ख्यांगते से पूछा कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी को काम कैसे दिया? इस पर ख्यांगते ने कहा कि उन्हें कंपनी के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी नहीं थी। एजेंसी के चयन में कई वैधानिक प्रक्रिया होती हैं, जिनका पालन करने के बाद ही फैसला लिया गया। अगर कंपनी पहले से ब्लैकलिस्टेड थी और गड़बड़ी की है तो इसकी गहनता से जांच कराई जाए। सीआईडी ने उनसे टीडीपीएल के भौतिक व कानूनी सत्यापन पर भी सवाल किया। ख्यांगते ने कहा कि बिना सत्यापन काम नहीं दिया जाता। नियमों का पालन हुआ था। अमेरिका यात्रा के खर्च का भी ब्योरा मांगा सीआईडी ने ख्यांगते के अमेरिकी दौरे के संबंध में भी सवाल किया। पूछा कि वे अमेरिका क्यों गए थे। इन यात्राओं पर कितना खर्च आया। हालांकि ख्यांगते ने सीआईडी के अधिकतर सवालों के जवाब दिए। कुछ सवालों के जवाब के लिए सीआईडी ने जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के सामने बैठाकर भी पूछताछ की। टीडीपीएल के चयन व टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर भी दोनों से एक साथ जवाब मांगे गए, ताकि बयानों का मिलान किया जा सके। 5 की आज खत्म होगी रिमांड, 3 आरोपियों की मिलेगी कस्टडी सीआईडी ने रिमांड पर लिए गए 5 आरोपियों से मंगलवार को चौथे दिन भी पूछताछ की। इनकी रिमांड बुधवार को खत्म होगी। इनमें जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी और दो तकनीकी प्रोग्रामर मो. उस्मान व मो. एबाद शामिल हैं। वहीं हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार को बुधवार को रिमांड पर लिया जाएगा। प्रभार पर पेंच…तीनों सदस्यों की ज्वाइनिंग का दिन और समय एक, इसलिए वरिष्ठता समान एल ख्यांगते के इस्तीफे के बाद पिछले एक सप्ताह से जेपीएससी के चेयरमैन का पद खाली है। अब तक चेयरमैन का पद खाली होने पर सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रभार देकर कार्यवाहक अध्यक्ष बना दिया जाता था। लेकिन इस बार एक नया पेंच फंस गया है। तीनों सदस्यों ने एक ही दिन एक ही समय पर ज्वाइन किया था। इसलिए तय ही नहीं हो पा रहा है कि वरिष्ठता का आधार क्या माना जाए। जेपीएससी में अभी तीन सदस्य हैं-अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और डॉ. जमाल अहमद। इन तीनों की नियुक्ति 25 सितंबर 2021 को हुई थी। इन तीनों ने तत्कालीन चेयरमैन अमिताभ चौधरी के समक्ष सुबह 11:47 बजे एक साथ ज्वाइन किया। यानी नियुक्ति की तिथि और ज्वाइन करने का समय एक है। इसी कारण तीनों की वरिष्ठता बराबर मानी जा रही है। इनमें से एक सदस्य का कार्यकाल इसी साल अक्टूबर में खत्म होगा, वहीं दो का अगले साल पूरा होगा। पहले भी बनी थी ऐसी स्थिति तत्कालीन चेयरमैन अमिताभ चौधरी का कार्यकाल खत्म होने पर वर्ष 2022 में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज कौन फहराएगा, इसपर असमंजस की स्थिति बन गई थी। तब तय हुआ था कि तीनों सदस्य एक साथ ध्वजारोहण करेंगे।
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