Thalapathy C. Joseph Vijay Astrology Belief: राजनीति और ज्योतिष का रिश्ता भारत में हमेशा से गहरा रहा है. नेता चुनाव से पहले अपनी कुंडली और ग्रहों की चाल जानने के लिए अक्सर ज्योतिषियों के दरवाजे खटखटाते हैं. लेकिन जब कोई नेता उसकी जीत की सटीक भविष्यवाणी करने वाले ज्योतिषी को सीधे सत्ता में अहम पद दे दे, तो यह एक ऐतिहासिक खबर बन जाती है. तमिलनाडु की राजनीति में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है. नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने ज्योतिषी रिकी राधन पंडित को मुख्यमंत्री का ‘ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी’ (OSD) नियुक्त किया है. यह वही ज्योतिषी हैं, जिन्होंने करीब एक साल पहले ही यह अचूक दावा किया था. उनका दावा था कि विजय तमिलनाडु के चुनावों में प्रचंड जीत हासिल करेंगे.
क्या है सरकारी आदेश और OSD का रसूख?
हाल ही में राज्य सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है, ‘थिरु रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मुख्यमंत्री (राजनीतिक) के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के रूप में नियुक्त किया जाता है.’ राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस पद को अत्यधिक रसूखदार माना जाता है. एक राजनीतिक OSD आमतौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय, बड़े राजनेताओं, पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं, विभिन्न सरकारी विभागों और आम जनता के बीच एक सबसे अहम कड़ी के रूप में काम करता है. यह पद रणनीतिक होने के साथ-साथ बेहद प्रभावशाली भी है, क्योंकि यह व्यक्ति राजनीतिक समन्वय और तुरंत निर्णय लेने वाले मामलों पर सीधे मुख्यमंत्री के साथ जुड़कर काम करता है.
राधन पंडित को मुख्यमंत्री (राजनीतिक) के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के रूप में नियुक्त किया गया है.
कौन हैं राधन पंडित?
आखिर यह राधन पंडित कौन हैं? आखिर मुख्यमंत्री विजय ने उन पर इतना बड़ा भरोसा क्यों जताया है? वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष (न्यूमेरोलॉजी) और ध्यान-आधारित परामर्श में चार दशकों से अधिक का विशाल अनुभव रखने वाले राधन पंडित भारत के सबसे प्रतिष्ठित ज्योतिषियों में गिने जाते हैं. दक्षिण भारत में जन्मे इस ज्योतिषी ने मूल रूप से ‘पंडित वेट्रिवेल’ के नाम से अपनी प्रैक्टिस शुरू की थी. साल 2008 में वे अपना ठिकाना बदलकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आ गए. दिल्ली में बसने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘राधन पंडित’ रख लिया. इसी नाम से उन्होंने देशभर में अपनी सबसे प्रमुख पहचान और हाई-प्रोफाइल अनुयायी बनाए.
दिग्गजों से गहरे संबंध
राधन पंडित के क्लाइंट्स की सूची में देश के कई ताकतवर राजनेता और पार्टियां शामिल रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कई वर्षों में उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस, डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) सहित भारत के लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं को अपनी सेवाएं दी हैं. वे भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी के काफी करीबी रहे हैं और उन्हें अपने मेंटर (मार्गदर्शक) के समान मानते हैं.
बता दें कि उनके ज्योतिषीय करियर का सबसे चर्चित चैप्टर तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता जे. जयललिता के साथ उनका जुड़ाव रहा है. राधन पंडित खुद को जयललिता का ‘आध्यात्मिक मार्गदर्शक’ बताते रहे हैं. उन्होंने 1991 में जयललिता की प्रचंड चुनावी जीत की एकदम सटीक भविष्यवाणी की थी. हालांकि, 1994 में जब उन्होंने जयललिता को एक उथल-पुथल भरे दौर के शुरू होने की चेतावनी दी, तो जयललिता को यह रास नहीं आया और दोनों के रिश्ते में दरार आ गई थी.
विजय के लिए डंके की चोट पर भविष्यवाणी
राधन पंडित एक बार फिर तब जबरदस्त सुर्खियों में आए जब उन्होंने अभिनेता विजय के राजनीतिक भविष्य की मुखर होकर वकालत शुरू की. विजय की नवगठित राजनीतिक पार्टी, ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (टीवीके) के तमिलनाडु की राजनीति में एक मजबूत ताकत बनने से बहुत पहले ही, राधन पंडित सार्वजनिक मंचों से यह जोर देकर कह रहे थे कि अभिनेता का ज्योतिषीय प्रोफाइल (कुंडली) ‘राजनीतिक महानता’ की ओर साफ इशारा कर रहा है.
– साल 2024 में उनका एक यूट्यूब वीडियो सामने आया था. इसमें विजय के 2026 तमिलनाडु चुनाव जीतने के बाद अब इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में पंडित ने विजय की ‘कुंडली’ का विस्तार से एक्सप्लेन किया था. उनका दावा था कि टीवीके नाम विजय की जन्म तिथि के साथ अंक ज्योतिष के हिसाब से पूरी तरह से मेल खाता है. यह पार्टी के भविष्य के लिए एक बड़ा ‘संरचनात्मक लाभ’ साबित होगा. राधन पंडित ने विजय के ग्रहों की स्थिति की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री एडाप्पडी के पलानीस्वामी (EPS) और ओ पन्नीरसेल्वम (OPS) जैसे स्थापित नेताओं से करते हुए बताया था कि विजय की कुंडली में सत्ता और ‘राजयोग’ के अचूक संकेत हैं.
150 सीटों का किया था दावा
राधन पंडित की सबसे सटीक भविष्यवाणी 2026 के विधानसभा चुनावों की ‘राजनीतिक जंग’ के बारे में थी. उन्होंने बहुत पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह चुनाव मुख्य रूप से विजय की टीवीके और डीएमके के उदयनिधि स्टालिन के बीच होगा- यानी मुकाबला दो ऐसे राजनेताओं के बीच होगा जो कभी अभिनेता हुआ करते थे.