भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

झारखंड पुलिस को मिले 4 नए डीएसपी और 336 जवान, सीएम ने...




झारखंड पुलिस को गुरुवार को 4 पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और 336 नव नियुक्त आरक्षी मिले। जैप-1 ग्राउंड में आयोजित पारण परेड में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सभी प्रशिक्षुओं को शपथ दिलाई और कहा कि अब वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि राज्य के आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसकर्मियों के लिए आधुनिक आवासीय विद्यालय और विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के बीच ली गई यह शपथ केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और कर्तव्य का संकल्प है। इसी प्रतिज्ञा और संकल्प के बल पर देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बना है। अब आप एक व्यवस्था का हिस्सा हैं और जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी आपके कंधों पर है। इस बैच में बड़ी संख्या में अनुकंपा के आधार पर नियुक्त जवान भी शामिल हैं। कर्तव्य निभाते हुए जिन परिजनों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उनके अधूरे सफर को पूरा करने की जिम्मेदारी अब इन पर है। सीएम ने कहा-पुलिस विभाग के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे। 25% महिला भागीदारी पर जताई खुशी मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बैच में लगभग 25 प्रतिशत महिला आरक्षियों की भागीदारी राज्य के लिए सुखद संकेत है। सरकार चाहती है कि झारखंड के हर क्षेत्र में महिलाओं और पुरुषों को समान प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों और जवानों से कहा कि 30 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए कौशल का प्रभाव अब मैदान में दिखना चाहिए। राज्य की कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी चुनौती से निपटने में उनकी ट्रेनिंग की झलक दिखाई देनी चाहिए। इधर, हेमंत के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ी राहत दी है। जस्टिस एके चौधरी की कोर्ट ने 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान उन पर दर्ज आचार संहिता उल्लंघन के केस को निरस्त कर दिया। यह केस आदित्यपुर थाने में दर्ज था। सुनवाई के दौरान हेमंत के वकील दीपांकर और प्रदीप चंद्रा ने कोर्ट को बताया कि हेमंत सोरेन अपनी पार्टी के प्रत्याशी का प्रचार करने आदित्यपुर गए थे। उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया था, फिर भी एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। इसके बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top