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बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मध्यप्रदेश से झारखंड तक है। इससे रांची सहित पूरे राज्य में हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी है। हालांकि तेज हवा चलने से कई जगह पेड़ भी उखड़ गए। मौसम विभाग के अनुसार, एक मई को रांची, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं। रांची समेत कई जिलों में आज भी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
वहीं, 50 से 60 किमी. की रफ्तार से आंधी चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लगातार 6 मई तक रांची सहित कई जिलों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, अगले दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में (2-3) डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। इसके अगले तीन दिनों में इसमें कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। सर्वाधिक बारिश बहरागोड़ा में हुई
वहीं, पिछले 24 घंटे में झारखंड में कई स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश 85.2 एमएम बहरागोड़ा (पूर्वी सिंहभूम) में दर्ज की गई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रिकॉर्ड किया गया। अलनीनो से मानसून में बारिश होगी कम
बीडीएसयू के कृषि एवं वानिकी विभाग के डीन डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनी नमी की वजह से बारिश हो रही है। इसे प्री मानसून की वर्षा भी कह सकते हैं। इसका लाभ खेतों को होगा। किसानों को चाहिए कि ऐसी स्थिति में खेत की गहरी जुताई कर जमीन को खोलकर छोड़ दें। इससे अधिक वर्षा जल जमीन के नीचे जाएगा और ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज होगा। खेत खुला रहने से धूप जमीन के अंदर तक पड़ेगी। इससे बीज एवं कीट-फंगस के अंश नष्ट हो जाएंगे। इस बार अलनीनो का असर दिखेगा। मानसून में बारिश कम होगी। ऐसे में किसानों को अभी से वर्षा जल सहेजने की जरूरत है।
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