पलामू. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम और जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते हैं. लगातार तनाव, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण लोग मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं. ऐसे में अगर रोज कुछ पल खुद के लिए निकालकर जुंबा किया जाए, तो यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.
जुंबा न केवल शरीर को फिट रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है. म्यूजिक और डांस के साथ होने वाला यह वर्कआउट शरीर में ऊर्जा बढ़ाता है, वजन नियंत्रित करता है और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है.
पलामू में पहली बार शुरू हुई क्लास
दरअसल, पलामू जिले के मेदिनीनगर में महिलाओं की फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पहली बार खास महिलाओं के लिए जुंबा और डांस फिटनेस क्लास की शुरुआत की गई है. विशाल मेगा मार्ट के बगल में शुरू हुए इस ‘जुंबा फिटनेस एकेडमी’ में महिलाएं अब मस्ती के साथ फिट रहने की ट्रेनिंग ले रही हैं.
यहां महिलाओं को महिला मेंटोर द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे वे खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बना सकें. जिले में इस तरह का यह पहला सेंटर माना जा रहा है, जहां महिलाओं के लिए खास तौर पर डांस, एरोबिक्स और फिटनेस को जोड़कर ट्रेनिंग दी जा रही है.
जिले की पहली महिला मेंटोर
संचालिका अंशा तिवारी ने लोकल18 को बताया कि इस फिटनेस एकेडमी की शुरुआत 21 अप्रैल से हुई है. अंशा 25 साल की हैं, जो पलामू की पहली फीमेल जुंबा मेंटोर के रूप में पहचान बना रही हैं. वे बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें डांस का काफी शौक था. स्कूल और कॉलेज के दिनों में उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और कई पुरस्कार भी जीते. वह योग चैंपियन भी रह चुकी हैं, जहां जिला स्तर पर पहला और राज्य स्तर पर तीसरा स्थान हासिल कर चुकी हैं. इसके अलावा वर्ष 2025 में ‘मिस मेदिनीनगर’ का खिताब भी जीत चुकी हैं.
मस्ती-मस्ती में वर्कआउट
अंशा ने बताया कि कोरोना काल के दौरान, जब लोग घरों में बंद थे, तब उन्होंने ऑनलाइन फिटनेस और वर्कआउट ट्रेनिंग ली. वहीं से उन्हें महिलाओं के लिए कुछ अलग शुरू करने का विचार आया. उन्होंने कहा कि पलामू, गढ़वा और चैनपुर क्षेत्र में पहली बार महिलाओं के लिए इस तरह की डांस और जुंबा क्लास खोली गई है. यहां महिलाएं मस्ती के साथ फिटनेस की ट्रेनिंग लेती हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ता है.
शरीर ही नहीं दिमाग भी रखे फिट
एकेडमी में जिम बॉल, केटलबेल, एरोबिक्स, चेयर वर्कआउट समेत कई आधुनिक फिटनेस तकनीकों के जरिए ट्रेनिंग दी जाती है. यहां महिलाओं को वेट लॉस और वेट गेन दोनों के लिए अलग-अलग ट्रेनिंग और डाइट प्लान भी दिए जाते हैं. अंशा के अनुसार, जुंबा केवल शरीर को फिट नहीं रखता, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है. लगातार डांस और एक्सरसाइज करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, मोटापा नियंत्रित होता है और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है.
लगता है इतना शुल्क
उन्होंने कहा कि अक्सर महिलाएं पूरे परिवार की जिम्मेदारियों में खुद पर ध्यान नहीं दे पातीं. ऐसे में यह सेंटर महिलाओं के लिए खास प्लेटफॉर्म बन रहा है, जहां वे खुद के लिए समय निकालकर फिट और आत्मनिर्भर बन सकती हैं. यहां प्रशिक्षण के लिए 1000 रुपये मासिक शुल्क रखा गया है. धीरे-धीरे यह सेंटर महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय होता जा रहा है.