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जमशेदपुर के डिमना डैम के पास एक प्रतिबंधित तालाब में एमजीएम अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की डूबने से हुई मौत का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। मृतक डॉक्टर सक्षम सिंह और समीर लाल के परिजनों ने इसे केवल दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने बोड़ाम थाना में लिखित आवेदन सौंपकर हत्या का मामला दर्ज करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शनिवार को सक्षम सिंह के पिता सत्येंद्र कुमार सिंह और समीर लाल के पिता अजय लाल बोड़ाम थाना पहुंचे और पुलिस को आवेदन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि घटना के समय मौजूद जूनियर डॉक्टर डॉ. यश के बयान लगातार बदल रहे हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है। मोबाइल डॉ. सक्षम की जेब में मिला परिजनों ने बताया कि शुरुआत में डॉ. यश ने कहा था कि सक्षम सिंह का मोबाइल तालाब में गिर गया था, जिसे निकालने के प्रयास में दोनों डॉक्टर पानी में उतरे थे। हालांकि, जब सक्षम सिंह का शव बरामद हुआ, तो मोबाइल उनकी जेब से मिला। इस विरोधाभास ने डॉ. यश के पहले के बयान पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि डॉ. यश और दोनों मृतक डॉक्टरों के बीच पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी आधार पर परिजनों ने घटना के पीछे किसी साजिश या आपराधिक पहलू की आशंका जताते हुए पुलिस से सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करने की मांग की है। गौरतलब है कि शुक्रवार तड़के डिमना डैम के पास स्थित तालाब में सक्षम सिंह और समीर लाल की डूबने से मौत हो गई थी। घटना के समय डॉ. यश भी उनके साथ वहां मौजूद थे। टाटा स्टील के गोताखोरों ने लगभग छह घंटे के बचाव अभियान के बाद दोनों के शव तालाब से बाहर निकाले थे। परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अब डॉ. यश से विस्तृत पूछताछ कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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