भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Hormuz Strait Crisis | ONGC Bay of Bengal drilling | होर्मुज की...


होमताजा खबरदेश

होर्मुज की टेंशन हो जाएगी खत्म, बंगाल की खाड़ी में खुदाई शुरू, भर जाएगा खजाना

Agency:एजेंसियां

Last Updated:

ONGC Mahanadi Basin Drilling: होर्मुज स्ट्रेट में जारी नाकेबंदी के बीच भारत ने तेल-गैस की खोज की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. ओएनजीसी ने ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी के महानदी अपतटीय बेसिन में अपने पहले गहरे समुद्री खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू कर दी है. ‘समुद्र मंथन’ मिशन के तहत शुरू हुए इस अभियान से बड़े पैमाने पर तेल और प्राकृतिक गैस मिलने की उम्मीद है. अगर यह खोज सफल रही तो भारत की कच्चे तेल और एलपीजी आयात पर निर्भरता घट सकती है. इससे भविष्य में होर्मुज जैसे वैश्विक संकटों का असर कम होगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी मजबूती मिलेगी.

होर्मुज की टेंशन हो जाएगी खत्म, बंगाल की खाड़ी में खुदाई शुरू, भर जाएगा खजानाZoom

ओएनजीसी ने शनिवार को ओडिशा तट के पास महानदी अपतटीय बेसिन में अपने पहले गहरे समुद्री खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू कर दी.

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म न होने और इसके साथ ही होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी ने भारत समेत दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ा दी है. कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई पर मंडरा रहे खतरे के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा दिया है. भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ओएनजीसी (ONGC) ने ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी के महानदी अपतटीय बेसिन में अपने पहले गहरे समुद्री खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू कर दी है. इसे भारत के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है.

ओएनजीसी ने बताया कि ‘समुद्र मंथन’ मिशन के तहत MN-DW18-1-H-D नाम के इस खोजी कुएं की ड्रिलिंग ओडिशा के तट से करीब 23 समुद्री मील दूर कोणार्क खोज क्षेत्र में शुरू की गई है. हाल ही में उत्कल और कोणार्क क्षेत्रों में मिले सकारात्मक संकेतों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि महानदी बेसिन में बड़े पैमाने पर तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार मिल सकते हैं.

विदेशी तेल-गैस पर निर्भरता होगी कम

यह अभियान ऐसे समय शुरू हुआ है, जब होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण भारत के सामने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है और उसका एक बड़ा भाग इसी समुद्री मार्ग से होकर आता है. ऐसे में अगर देश के समुद्री क्षेत्रों से पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस का उत्पादन शुरू होता है तो भविष्य में आयात पर निर्भरता कम होगी और ऐसे वैश्विक संकटों का असर भी सीमित रह जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2025 के अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में देश की अप्रयुक्त अपतटीय हाइड्रोकार्बन क्षमता का दोहन करने पर विशेष जोर दिया था. उसी रणनीति के तहत सरकार ने करीब 10 लाख वर्ग किलोमीटर अपतटीय क्षेत्र को तेल की खोज के लिए खोल दिया है. इससे आने वाले समय में कई नए तेल और गैस ब्लॉकों में खोज का रास्ता साफ हुआ है.

कितना पेट्रोल-गैस मिलने का अनुमान?

सरकारी अनुमान के मुताबिक भारत के पूर्वी और पश्चिमी अपतटीय बेसिन में 560 करोड़ टन तेल समतुल्य (MMTOE) से अधिक हाइड्रोकार्बन संसाधन मौजूद हो सकते हैं. कावेरी, महानदी और अंडमान बेसिन में हाल की खोजों ने इस संभावना को और मजबूत किया है.

ओएनजीसी का कहना है कि यह भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण गहरे समुद्री अन्वेषण अभियानों में से एक है. यहां मिलने वाला हर नया तेल और गैस भंडार न केवल देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाएगा, बल्कि आयात बिल घटाने और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को भी नई मजबूती देगा. ऐसे में होर्मुज जैसे संकटों से निपटने के लिए यह अभियान भारत के लिए एक दीर्घकालिक और रणनीतिक कदम माना जा रहा है.

होर्मुज स्ट्रेट में जारी नाकेबंदी के बीच भारत ने तेल-गैस की खोज की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. ओएनजीसी ने ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी के महानदी अपतटीय बेसिन में अपने पहले गहरे समुद्री खोजी कुएं की ड्रिलिंग शुरू कर दी है. ‘समुद्र मंथन’ मिशन के तहत शुरू हुए इस अभियान से बड़े पैमाने पर तेल और प्राकृतिक गैस मिलने की उम्मीद है. अगर यह खोज सफल रही तो भारत की कच्चे तेल और एलपीजी आयात पर निर्भरता घट सकती है. इससे भविष्य में होर्मुज जैसे वैश्विक संकटों का असर कम होगा और देश की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी मजबूती मिलेगी. (भाषा इनपुट के साथ)

About the Author

Saad Omar

साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.

कहां से …

और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top