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रांची के लोग सुबह दूध वाली चाय के बजाय खास आयुर्वेदिक चाय पीते हैं. इस चाय में तेजपत्ता, अदरक, लौंग और तुलसी डाली जाती है. इसमें दूध का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता है. यह चाय पेट में गैस और भारीपन नहीं होने देती. इसे पीने से बदहजमी और कब्ज की शिकायत दूर होती है.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में सुबह की शुरुआत चाय के साथ तो होती है, लेकिन यहां के लोगों का अंदाज थोड़ा अलग है. यहां आदिवासी समुदाय और मेहनतकश वर्ग सुबह दूध वाली चाय या कॉफी के बजाय एक खास आयुर्वेदिक चाय पीना पसंद करते हैं. औषधीय गुणों से भरपूर यह चाय न सिर्फ पीने में बेहद स्वादिष्ट और रिफ्रेशिंग होती है, बल्कि इसे बनाने में दूध का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता है.
गैस और अपच से दिलाती है तुरंत राहत
रांची के कटहल रोड की रहने वाली उर्मिला बताती हैं कि उनके घर में कोई भी दूध वाली चाय नहीं पीता. वे कहती हैं, “दूध की चाय पीने से पेट में भारीपन, गैस और कब्ज की समस्या होने लगती है. इसके विपरीत यह आयुर्वेदिक हर्बल चाय बेहद हल्की होती है. इसे पीने से न तो गैस बनती है और न ही पेट भारी होता है, बल्कि यह भोजन को पचाने में दवा की तरह काम करती है.’ उर्मिला के अनुसार, इस चाय को दिन में तीन से चार बार भी पी लिया जाए, तो शरीर को कोई नुकसान नहीं होता.
आयुर्वेदिक चाय बनाने की आसान विधि
उर्मिला के मुताबिक, इस सेहतमंद चाय को घर पर बनाना बेहद आसान है. एक कप चाय तैयार करने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि नीचे दी गई है:
नोट करें सामग्री:
- पानी – 2 कप
- अदरक या सोंठ – छोटा टुकड़ा
- गोल मिर्च (काली मिर्च) – 2 से 3
- लौंग – 2
- तेजपत्ता – 1
- तुलसी के पत्ते – 4 से 5
- चायपत्ती और चीनी – स्वादानुसार
- नींबू का रस, काला नमक और भुना जीरा पाउडर – चुटकी भर (स्वादानुसार)
बनाने का तरीका:
- सबसे पहले एक बर्तन में दो कप पानी लेकर उसे गैस पर अच्छी तरह उबलने के लिए रख दें.
- पानी में उबाल आने पर इसमें कुचला हुआ अदरक (या सोंठ), काली मिर्च, लौंग, तेजपत्ता और तुलसी के पत्ते डाल दें.
- इन सभी जड़ी-बूटियों को पानी में तब तक उबलने दें. जब तक कि पानी जलकर आधा (एक कप) न रह जाए. इससे सभी मसालों का अर्क पानी में अच्छी तरह आ जाएगा.
- इसके बाद इसमें अपने स्वादानुसार चीनी और हल्की सी चायपत्ती डालें और एक बार फिर अच्छी तरह खौला लें.
- अब गैस बंद कर दें और चाय को कप में छान लें.
- अंत में ऊपर से स्वादानुसार नींबू का रस, थोड़ा सा काला नमक और चुटकी भर भुना हुआ जीरा पाउडर मिलाएं.
आपकी गरमा-गरम, खुशबूदार और पाचक आयुर्वेदिक चाय बनकर तैयार है। यह चाय इम्युनिटी बढ़ाने और मौसमी बीमारियों से दूर रखने में भी बेहद कारगर है.
About the Author
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.