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देवघर के देवीपुर में आधुनिक विज्ञान केंद्र बनकर तैयार है. यह केंद्र डेढ़ करोड़ की लागत से बना है. यहां छात्र मिसाइल और अंतरिक्ष विज्ञान सीखेंगे. अमेरिका-जापान की तर्ज पर प्रैक्टिकल शिक्षा मिलेगी. अब गांव के बच्चे भी आधुनिक प्रयोग कर सकेंगे. यह पहल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी.
देवघरः झारखंड में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और गांव के बच्चों को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. देवघर जिले के देवीपुर प्रखंड के अमजो गांव में एक आधुनिक विज्ञान केंद्र तैयार किया गया है, जहां स्कूली छात्र अब किताबों के साथ-साथ प्रयोग करके भी विज्ञान को समझ सकेंगे. ग्रामीण क्षेत्र में बने इस केंद्र को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच काफी उत्साह देखने को मिल रहा है. अब तक गांव के बच्चों को विज्ञान की पढ़ाई केवल क्लासरूम और किताबों तक सीमित होकर करनी पड़ती थी, लेकिन इस केंद्र के शुरू होने के बाद उन्हें विज्ञान के हर विषय को व्यवहारिक तरीके से सीखने का मौका मिलेगा.
1.5 करोड़ की लागत से बना विज्ञान केंद्र
करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बने इस विज्ञान केंद्र को खास तौर पर छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. यहां फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी से जुड़े कई आधुनिक मॉडल और मशीनें लगाई गई हैं. छात्र अब खुद प्रयोग करके समझ सकेंगे कि विज्ञान के नियम वास्तविक जीवन में कैसे काम करते हैं. स्कूलों में अक्सर लैब और उपकरणों की कमी के कारण बच्चों को केवल थ्योरी पढ़ाई जाती है, जिससे विज्ञान कठिन विषय लगने लगता है. लेकिन इस केंद्र में बच्चे सीधे प्रयोगों के माध्यम से पढ़ाई करेंगे, जिससे उनकी समझ और रुचि दोनों बढ़ेगी.
मिलेगी मिसाइल तकनीक-अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी
इस विज्ञान केंद्र की सबसे खास बात यह है कि यहां केवल सामान्य विज्ञान ही नहीं बल्कि झारखंड की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए माइनिंग और इंजीनियरिंग से जुड़े उपकरण भी रखे गए हैं. चूंकि झारखंड खनिज संपदा से भरपूर राज्य है, इसलिए बच्चों को शुरुआती स्तर से ही तकनीकी जानकारी देने की कोशिश की जा रही है. इसके अलावा छात्रों को मिसाइल तकनीक, अंतरिक्ष विज्ञान और न्यूक्लियर साइंस जैसी आधुनिक वैज्ञानिक जानकारियों से भी परिचित कराया जाएगा. इससे गांव के बच्चे भी बड़े वैज्ञानिक संस्थानों और तकनीकी क्षेत्रों के बारे में सीख सकेंगे और उनके अंदर नए सपने पैदा होंगे.
क्या कहते हैं शिक्षा पदाधिकारी?
देवघर जिला के शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार बताते है कि यहां बच्चों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. आने वाले समय में जिले के अलग-अलग स्कूलों के छात्र यहां आकर विज्ञान के प्रयोग करेंगे. इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और विज्ञान विषय को लेकर उनका डर भी कम होगा. कई बार देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र संसाधनों की कमी के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं में पीछे रह जाते हैं, लेकिन इस तरह के केंद्र उनके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकते हैं.
इलाके की बदलेगी तस्वीर
स्थानीय ग्रामीणों का भी मानना है कि इस विज्ञान केंद्र के खुलने से इलाके की तस्वीर बदल सकती है. लोगों का कहना है कि गांव में इस तरह की सुविधा पहले कभी नहीं थी. अब बच्चों को बेहतर माहौल मिलेगा और उन्हें शहरों की तरह आधुनिक शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा. देवीपुर जैसे पिछड़े माने जाने वाले क्षेत्र में विज्ञान केंद्र का निर्माण केवल एक भवन तैयार करना नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने की कोशिश है. यह पहल आने वाले समय में शिक्षा और विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.