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हजारीबाग शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने एक बार फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। यह अभियान सीसीआर कंट्रोल रूम से डिस्ट्रिक्ट मोड़ चौक तक संचालित किया गया। इस दौरान जेसीबी की सहायता से फुटपाथ पर लगी कई अस्थायी दुकानों को हटाया गया। इस कार्रवाई से अनेक गरीब दुकानदारों की दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे उनके समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रभावित दुकानदारों में सब्जी विक्रेता, फल विक्रेता और नाई जैसे छोटे व्यवसायी शामिल हैं, जो वर्षों से फुटपाथ पर दुकानें लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान बार-बार केवल इसी क्षेत्र में चलाया जाता है। उनका कहना है कि पिछले छह महीनों में यह तीसरी या चौथी बार है जब उनकी दुकानें हटाई गई हैं। वे बताते हैं कि उनकी दुकानें प्रतिदिन लगती और शाम को हट जाती हैं, फिर भी कार्रवाई का सर्वाधिक प्रभाव उन पर ही पड़ता है। दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि शहर में कई बड़े प्रतिष्ठान वर्षों से सड़क तक अतिक्रमण किए हुए हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। उनका कहना है कि प्रशासन का बुलडोजर केवल छोटे दुकानदारों तक सीमित है, जबकि प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण पर कार्रवाई न होने से दोहरे मापदंड का सवाल उठ रहा है। अभियान का नेतृत्व कर रहे सहायक नगर आयुक्त अनिल पांडे ने बताया कि यह कार्रवाई केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान किसी व्यक्ति विशेष को लक्ष्य बनाकर नहीं चलाया जा रहा है। अनिल पांडे ने कहा कि नगर निगम पूरे शहर में चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखेगा। जहां भी सड़क या सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा मिलेगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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