भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

नागौर के आसोप से इंटरनेशनल क्रिकेट तक! युवा लोकेंद्र ने फिटनेस कोच...


Last Updated:

Jodhpur Hindi News: नागौर जिले के आसोप गांव के युवा लोकेंद्र ने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फिटनेस कोच के रूप में विशेष पहचान बनाई है. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने लगातार मेहनत की और खेल जगत में अपनी अलग पहचान स्थापित की. आज वे कई खिलाड़ियों की फिटनेस को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उनकी सफलता न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा है. लोकेंद्र की उपलब्धि यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही दिशा में प्रयास करने से छोटे गांव से निकलकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की जा सकती है.

जोधपुर जिले के छोटे से गाँव आसोप से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाना किसी सपने से कम नहीं है. इस सपने को साकार किया है स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच लोकेन्द्र सिंह ने वर्तमान में राजस्थान सरकार में कार्यरत लोकेन्द्र पिछले दो वर्षों से डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DCA) जोधपुर और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस पर काम कर रहे हैं.

लोकेन्द्र सिंह ने केवल अनुभव पर भरोसा नहीं किया, बल्कि खेल विज्ञान के क्षेत्र में लगातार नई-नई योग्यताएँ हासिल कीं ASCA, ACE, B.P.Ed., NIS के साथ ऑस्ट्रेलिया से भी कई विशेष कोर्स कर खुद को आधुनिक खेल विज्ञान के अनुरूप तैयार किया. उनका मानना है कि बदलते समय के साथ सीखते रहना ही किसी भी खिलाड़ी और कोच की सबसे बड़ी ताकत होती है.

लोकेन्द्र सिंह ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अंडर-14, अंडर-19, अंडर-23 और सीनियर टीमों के खिलाड़ियों के साथ फिटनेस कोच के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनकी वैज्ञानिक ट्रेनिंग पद्धति और अनुशासित कार्यशैली ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम योगदान दिया. इसी काम ने उन्हें क्रिकेट जगत में एक भरोसेमंद फिटनेस विशेषज्ञ के रूप में पहचान दिलाई.

Add News18 as
Preferred Source on Google

वर्ल्ड लीजेंड्स लीग में राजस्थान लायंस टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच के रूप में लोकेन्द्र सिंह को भारत सहित कई देशों के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के साथ काम करने का अवसर मिला.इस दौरान उन्होंने विश्वस्तरीय फिटनेस, रिकवरी और प्रोफेशनल माहौल को करीब से समझा. यह अनुभव उनके करियर का सबसे यादगार और महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ.

लोकेन्द्र सिंह ने कहा कि आज के क्रिकेट में केवल प्रतिभा के दम पर लंबे समय तक टिक पाना संभव नहीं है. खिलाड़ी की शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती, रिकवरी और अनुशासित जीवनशैली उसकी सफलता तय करती है. उनका प्रयास रहता है कि हर खिलाड़ी को वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षित किया जाए, ताकि वह अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके। उनका कहना है कि फिटनेस अब क्रिकेट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है और आधुनिक खेल में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है.

लोकेन्द्र सिंह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादाजी, परिवार, मित्रों और अपने मार्गदर्शक धनंजय सिंह खींवसर को देते हैं. इसके साथ ही उन्होंने डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन, जोधपुर और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन का भी आभार जताया, जिन्होंने उन पर विश्वास किया. युवाओं के लिए उनका संदेश है कि छोटे गाँव या कस्बे से आने वाला कोई भी युवा अपने सपनों को सीमित न समझे. मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के साथ हर मंजिल हासिल की जा सकती है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top