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NEET protest: पश्चिम बंगाल के धर्मतला हिंसा मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है. जांच ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां विदेशी कनेक्शन की भी पड़ताल हो रही है. आखिर किन लोगों पर सबसे बड़ा शक है? क्यों सरकार कह रही है कि आंदोलन से छात्रों का कोई लेना-देना नहीं था? और पत्रकारों पर हमले के पीछे क्या साजिश थी? पूरी कहानी चौंकाने वाली है. सबसे बड़ी बात इस छात्र प्रदर्शन में हिंसा करने में नाम बहुत चौंकाने वाले हैं.
धर्मतला हिंसा में बड़ा खुलासा, 70 आरोपी चिन्हित, गुंडा एक्ट लगा, मुख्यमंत्री ने विदेशी ताकतों पर जताया शक.
kolkata student protest: कोलकाता के धर्मतला में स्टूडेंट मार्च के दौरान हुई हिंसा में अब तक का बड़ा खुलासा हुआ है. जो अब पश्चिम बंगाल की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने खुद दावा किया है कि हिंसा फैलाने वाले छात्र नहीं थे बल्कि इस्लामी कट्टरपंथी थे. उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इन लोगों को विदेशी ताकतों का समर्थन तो नहीं मिला था. सरकार ने साफ कर दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और कानून के तहत किसी को नहीं छोड़ा जाएगा. आइए पूरा मामला समझते हैं.
विदेशी कनेक्शन पर जांच
रविवार को नंदीग्राम के सोनाचूड़ा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत की. इसी दौरान उन्होंने धर्मतला हिंसा को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां इस संभावना की भी पड़ताल कर रही हैं कि उपद्रवियों को विदेशी ताकतों का समर्थन मिला हो सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा.
‘छात्र नहीं थे आरोपी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मतला में हिंसा करने वाले लोग छात्र नहीं थे. उनका दावा था कि ये इस्लामी कट्टरपंथी थे. जिन्होंने आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं और हर इनपुट को गंभीरता से देखा जा रहा है. सरकार का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
CJP से दूरी बनाई
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का इस हिंसा से कोई संबंध नहीं है. उनके मुताबिक, पश्चिम बंगाल में NEET आंदोलन से जुड़े लोग इस घटना में शामिल नहीं थे. उन्होंने बताया कि CJP ने सोशल मीडिया पर भी स्पष्ट किया है कि पत्रकारों पर हुए हमले और हिंसा की जिम्मेदारी उनकी नहीं है. इसलिए आंदोलन और उपद्रव को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए.
पत्रकारों पर हमला गंभीर
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों पर हुए हमले को बेहद गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि हत्या की कोशिश, मारपीट और हिंसा से जुड़े सात मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें ज्यादातर शिकायतें खुद पत्रकारों ने दर्ज कराई हैं. उनके मुताबिक, यह पहली बार है जब बड़ी संख्या में पत्रकार खुद सामने आए और कानूनी कार्रवाई की पहल की. सरकार इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है.
70 आरोपी, 14 गिरफ्तार
धर्मतला हिंसा के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूतों के आधार पर कुल 70 आरोपियों की पहचान की है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इन सभी के खिलाफ गुंडा एक्ट लगाया गया है. पहले 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. रविवार सुबह कोलकाता पुलिस ने तीन और लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की. इस तरह अब तक 14 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. बाकी की तलाश जारी है.
क्या था पूरा मामला?
दिल्ली में शिक्षा में भ्रष्टाचार और NEET पेपर लीक के खिलाफ चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन का असर कोलकाता में भी देखने को मिला. शुक्रवार को सियालदह से धर्मतला तक मार्च निकाला गया. इस प्रदर्शन में वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए. आरोप है कि इसी दौरान पुलिस पर हमला करने की कोशिश हुई. कई पत्रकारों के साथ भी मारपीट की गई. शनिवार को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में भी इस घटना की निंदा की थी.
कानून से मिलेगा जवाब
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार कानून के शासन में भरोसा रखती है. उन्होंने कहा कि पिछले 10 सप्ताह से सरकार जिन फैसलों को लागू कर रही है, उनसे परेशान होकर कुछ ताकतें माहौल खराब करना चाहती हैं. लेकिन सरकार ऐसे लोगों से सख्ती से निपटेगी और किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेगी.