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Amarnath Pandey Bail: रांची में JPSC परीक्षा को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकने के आरोप में गिरफ्तार अमरनाथ पांडे को अदालत से राहत मिली है. रांची व्यवहार न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली. इस मामले में संतोष कुमार की शिकायत पर धुर्वा थाने में केस दर्ज किया गया था. पुलिस ने अमरनाथ पांडे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था. सुनवाई के दौरान अधिवक्ता कुशल कुमार ने अमरनाथ पांडे की ओर से दलीलें रखीं. इसके बाद अदालत ने जमानत मंजूर कर ली.
नेहा बोरा पर स्याही फेंकने का मामला
रांची: झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन चरम पर है. छात्र अपनी मांगों को लेकर रांची में अनशन पर बैठे हैं. वहीं, आंदोलन के बीच अमरनाथ पांडे को को अदालत से जमानत मिल गई है. बता दें कि JPSC परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं. इसी दौरान छात्रों ने विधान सभा का घेराव किया था. इसी दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना हुई थी. घटना के बाद मामला धुर्वा थाने तक पहुंचा. संतोष कुमार नाम के व्यक्ति की ओर से इस मामले में शिकायत दर्ज कराई गई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की.
कोर्ट में याचिका दाखिल की गई
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमरनाथ पांडे को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. इसके बाद आरोपी की ओर से जमानत के लिए रांची सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल की गई. मामले की सुनवाई रांची व्यवहार न्यायालय में हुई. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता कुशल कुमार ने अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं. उन्होंने अमरनाथ पांडे को जमानत देने की मांग की.अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी की जमानत याचिका मंजूर कर ली. इसके साथ ही अमरनाथ पांडे को इस मामले में राहत मिल गई है.
JPSC परीक्षा को लेकर आंदोलन?
बता दें कि, झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, OMR गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. राजधानी रांची में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्र JSSC-CGL परीक्षा की स्वतंत्र CBI जांच की मांग कर रहे हैं. साथ ही दूसरी विवादित परीक्षाओं को भी रद्द करने की मांग उठाई जा रही है.
बैकलॉग परीक्षाएं रद्द
वहीं, छात्रों के दबाव के बाद सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और 2023-2025 की बैकलॉग परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. इसके अलावा JPSC के तीनों सदस्यों ने भी इस्तीफा दे दिया है. हालांकि, इन फैसलों के बावजूद छात्रों का आंदोलन खत्म नहीं हुआ है. अभ्यर्थियों का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा में सामने आई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच जरूरी है. वे पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग कर रहे हैं.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…
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