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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि युवा अपनी मेहनत पर भरोसा रखें। सरकार उनके सपनों की रक्षा करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई सवाल उठे हैं। जब परीक्षा व्यवस्था पर संदेह पैदा होता है तो केवल एक परीक्षा प्रभावित नहीं होती है, बल्कि पूरी पीढ़ी का विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मेहनत को किसी माफिया, भ्रष्ट तंत्र या अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन बिना प्रमाण के किसी को दोषी नहीं ठहराया जाएगा। मुख्यमंत्री शनिवार को मोरहाबादी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गंभीर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। यह पूरे देश के सामने एक चुनौती है। हालांकि दूसरे राज्यों में क्या हुआ, उससे झारखंड की जिम्मेदारी कम नहीं होती। हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है झारखंड का युवा, उनका भविष्य और उनका विश्वास। इसलिए सरकार ने सिर्फ कार्रवाई नहीं, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का फैसला लिया है। जांच पूरी निष्पक्षता से होगी। जो भी दोषी होगा, कानून उसके साथ कठोरता से पेश आएगा। दोषी व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, अगर उसकी संलिप्तता सिद्ध होता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने “छात्रों की बात-छात्रों के साथ” अभियान शुरू किया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों के साथ शिक्षक, शिक्षाविद और अभिभावक भी परीक्षा सुधार की प्रक्रिया में सहभागी होंगे। युवाओं को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सीएम ने कहा कि आने वाले 25 वर्षों का झारखंड युवाओं की शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास और सपनों से तय होगा। 4 लाख करोड़ का निवेश होगा, 22 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार सीएम ने कहा कि चार प्रमुख कॉर्पोरेट समूहों के साथ करीब चार लाख करोड़ रुपए के निवेश के लिए 40 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इन प्रस्तावों से 22 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा। झारखंड में ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार किया जाएगा, जहां का स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचे। स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा मिले और युवाओं को अपने जिले में ही बेहतर अवसर मिल सके। रोजगार के नए अवसर तलाश किए जाएंगे… सीएम ने कहा कि रोजगार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। सरकार का लक्ष्य सिर्फ सरकारी विभागों में खाली पद भरना नहीं है। उद्योग, कृषि, डेयरी, मत्स्य पालन, पर्यटन, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार किए जाएंगे। युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिल सके, इसके लिए स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, रोजगार देने वाला बनाया जाए।
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