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दृष्टिहीन कृष्णानंद 15 साल से अकेले पैदल कर रहे शिवधाम की यात्रा,...


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Bokaro Krishnanand’s Devotion: दिव्यांग और दृष्टिहीन कृष्णानंद पांडेय की भक्ति और समर्पण देखने लायक है. वे 15 सालों से सावन में पैदल यात्रा करते हैं और अलग-अलग शिवधाम जाते हैं. इस बार वे बोकारो से जल लेकर चिड़का धाम जा रहे हैं.

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बोकारो. सावन का महीना आते ही बाबा भोलेनाथ के भक्तों की आस्था सड़कों पर नजर आने लगती है. कोई देवघर की ओर तो कोई दूर-दराज के शिवधाम में जलाभिषेक के लिए पैदल यात्रा करते हैं. इसी आस्था और हौसले की मिसाल हैं धनबाद पुटकी के कृष्णानंद पांडेय, जो दिव्यांग और दृष्टिहीन होने के बावजूद हर साल अकेले पैदल यात्रा कर बाबा के दरबार में जल अर्पित कर रहे हैं.

35 वर्षीय कृष्णानंद पिछले करीब 15 वर्षों से बाबा की भक्ति में अलग-अलग शिवधामों की पैदल यात्रा कर रहे हैं. कभी देवघर, कभी हरिद्वार तो कभी पश्चिम बंगाल स्थित चिड़का धाम तक वह पैदल सफर तय कर चुके हैं. इस दौरान कई बार उन्हें रास्ते में गिरना पड़ा और सड़क दुर्घटनाओं का भी सामना करना पड़ा, लेकिन इन मुश्किलों के बावजूद उनके हौसले कभी नहीं टूटे.

बाबा पर अटूट विश्वास
इस बार भी कृष्णानंद पांचवीं बार बोकारो के दामोदर ब्रिज से जल उठाकर चिड़का धाम की पैदल यात्रा पर निकले हैं. कृष्णानंद बताते हैं कि बाबा के साथ उनका रिश्ता बेहद गहरा है. उनका मानना है कि बाबा ही उन्हें हर कदम पर आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं. वहीं रास्ते में आने वाली परेशानियों को वह बाबा की परीक्षा मानते हैं. उनका विश्वास है कि परीक्षा चाहे कितनी भी कठिन हो, अगर आस्था मजबूत हो तो मंजिल जरूर मिलती है.

वहीं, अपनी यात्रा के खास साथी लोहे की मजबूत चक्की वाली लाठी को कृष्णानंद अपना सबसे बड़ा सहारा बताते हैं. यही लाठी उन्हें रास्ता पहचानने और आगे बढ़ने में मदद करती है. हालांकि यात्रा के दौरान कई बार स्थानीय श्रद्धालु और पुलिसकर्मी भी उनकी मदद के लिए आगे आते हैं और उन्हें रास्ता दिखाते हुए सुरक्षित आगे बढ़ने में सहयोग करते हैं.

परिवार का साथ, लेकिन सफर अकेले
कृष्णानंद के परिवार में मां-पिता और भाई-बहन हैं और उनकी अभी शादी नहीं हुई है. परिवार के होने के बावजूद वह अपनी धार्मिक यात्राएं अक्सर अकेले ही पूरी करते हैं. वहीं आखिर में कृष्णानंद का कहना है कि जब तक शरीर साथ देगा, तब तक वह अलग-अलग भोले बाबा के धार्मिक स्थलों की पैदल यात्रा करते रहेंगे और बाबा के दरबार में जल अर्पित करते रहेंगे.

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Raina Shukla

Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…

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