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पलामू के डॉक्टर ने किया कमाल, रोबोटिक सर्जरी से हुआ सफल घुटना...


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झारखंड का पलामू जिला कभी नक्सलवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह स्वास्थ्य क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है. जिले ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. मेदिनीनगर के एक निजी अस्पताल में पहली बार अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक की मदद से घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट) सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है.

पलामू: झारखंड का पलामू जिला लंबे समय तक नक्सलवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता रहा है. हालांकि अब यहां की तस्वीर और तकदीर दोनों तेजी से बदल रही हैं. खासकर स्वास्थ्य क्षेत्र में पलामू लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है. इसी कड़ी में जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है. जिस अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी तकनीक का लाभ अब तक केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों के मरीजों को मिल पाता था, वह सुविधा अब पलामू तक पहुंच गई है. इसे जिले के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

पहली बार रोबोटिक तकनीक से सर्जरी
दरअसल, मेदिनीनगर स्थित निर्मला मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर में पहली बार रोबोटिक तकनीक की मदद से सफलतापूर्वक पूर्ण घुटना प्रत्यारोपण (टोटल नी रिप्लेसमेंट) सर्जरी की गई है. इस उपलब्धि के साथ पलामू ने आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. सोमवार को अस्पताल में दो मरीजों का रोबोटिक तकनीक के माध्यम से सफल घुटना प्रत्यारोपण किया गया.

जोड़ों की गंभीर समस्या से राहत
अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. प्रवीण सिद्धार्थ ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि इस सर्जरी के दौरान मरीजों के क्षतिग्रस्त घुटनों को बदलकर कृत्रिम घुटने लगाए गए हैं. इससे उन्हें लंबे समय से जोड़ों की गंभीर समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि इनमें से एक मरीज का ऑपरेशन झारखंड सरकार की राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत किया गया, जिससे यह साबित होता है कि आधुनिक तकनीक का लाभ अब आम लोगों तक भी पहुंचाया जा सकता है.

घुटने का विस्तृत सीटी स्कैन
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी में सबसे पहले मरीज के घुटने का विस्तृत सीटी स्कैन किया जाता है. इसके बाद उस डेटा को कंप्यूटर सिस्टम में फीड कर मरीज की शारीरिक संरचना और बीमारी का डिजिटल मॉडल तैयार किया जाता है. कंप्यूटर द्वारा सटीक योजना बनाए जाने के बाद रोबोटिक सिस्टम की सहायता से ऑपरेशन किया जाता है. इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें हड्डियों और मांसपेशियों को कम नुकसान पहुंचता है, कट-छांट कम होती है, सर्जरी अधिक सटीक होती है और मरीज अपेक्षाकृत तेजी से स्वस्थ हो जाता है. उन्होंने दावा किया कि रोबोटिक सर्जरी में लगभग शत-प्रतिशत सटीकता के साथ बेहतर परिणाम प्राप्त होते हैं.

इलाज के साथ आर्थिक राहत
डॉ. प्रवीण सिद्धार्थ ने बताया कि उन्होंने सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल सहित देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों से रोबोटिक सर्जरी का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है. उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से उनका सपना था कि यह अत्याधुनिक तकनीक पलामू तक पहुंचे, ताकि यहां के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े. उन्होंने बताया कि जहां दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों में इस प्रकार की सर्जरी पर 7 से 10 लाख रुपये तक खर्च आता है, वहीं उनका प्रयास है कि पलामू में यह सुविधा डेढ़ से दो लाख रुपये के बीच उपलब्ध कराई जाए. इससे मरीजों को बेहतर इलाज के साथ-साथ आर्थिक राहत भी मिलेगी.

पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय
इस उपलब्धि की जानकारी मिलने के बाद बिहार के प्रख्यात चिकित्सक, कालाजार विशेषज्ञ एवं पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सी. पी. ठाकुर के पुत्र तथा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से जुड़े सलाहकार दीपक ठाकुर भी निर्मला अस्पताल पहुंचे. उन्होंने डॉ. प्रवीण सिद्धार्थ को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ पलामू ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में बिहार समेत अन्य राज्यों के मरीज भी रोबोटिक सर्जरी का लाभ लेने के लिए पलामू आएंगे. रोबोटिक सर्जरी की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अब पलामू स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में किसी बड़े शहर से पीछे नहीं है. आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की मेहनत और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के बल पर पलामू स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है.

विदेशों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं
डॉ. प्रवीण सिद्धार्थ ने कहा कि यह उपलब्धि पलामू की जनता के सहयोग और विश्वास की बदौलत संभव हो पाई है. उन्होंने बताया कि मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण कार्य अभी चल रहा है. उनका प्रयास है कि जैसे ही वहां मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) शुरू होगा, रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीक को वहां भी उपलब्ध कराया जाए. उन्होंने कहा कि सिंगापुर और अन्य विकसित देशों में जिन आधुनिक तकनीकों से इलाज किया जा रहा है, उन्हें पलामू तक लाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उनका उद्देश्य है कि पलामू और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों और विदेशों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं अपने जिले में ही उपलब्ध हो सकें.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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