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Palamu jagannath rath yatra 2026 : पलामू में इस्कॉन हरे कृष्ण निवास की ओर से 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी. वर्ष 2019 से आयोजित हो रही इस यात्रा में हर साल 30 से 35 हजार श्रद्धालु शामिल होते हैं. करीब 11 किलोमीटर लंबी यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा नगर भ्रमण करेंगे. श्रद्धालुओं के लिए पांच क्विंटल प्रसाद तैयार किया जा रहा है, जबकि शाम को महासंकीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे. इस बार हाइड्रोलिक तकनीक से बना 12 से 36 फीट ऊंचा होने वाला रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण रहेगा. 15 जुलाई को नेत्र दर्शन भी कराया जाएगा.
Palamu jagannath rath yatra 2026 : विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर देशभर के साथ-साथ पलामू में भी तैयारियां अंतिम चरण में हैं. जहां की इस्कॉन हरे कृष्ण निवास की ओर से आयोजित होने वाली यह रथ यात्रा हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनती है. शास्त्रों में वर्णित है कि रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने मात्र से भक्तों को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाता है. इसी आस्था के कारण हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है.
2019 से निकल रही है भव्य रथ यात्रा
पलामू में इस्कॉन हरे कृष्ण निवास द्वारा वर्ष 2019 से भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है. मायापुरी से आये गौरधाम दास ने बताया कि यह यात्रा विश्व की दूसरी सबसे लंबी जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल है. शुरुआत में इस यात्रा में करीब दो हजार श्रद्धालु शामिल होते थे, लेकिन जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती है, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 30 से 35 हजार तक पहुंच जाती है. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हैं और भक्तों को सुलभ दर्शन देते हैं.
11 किलोमीटर का होगा यात्रा मार्ग
यूनहाने बताया कि अबकी बार 16 जुलाई को दोपहर दो बजे रथ यात्रा हरे कृष्ण निवास से प्रारंभ होगी. यात्रा भारत माता चौक, गीता भवन, छहमुहान, सद्दीक मंजिल चौक, बेलवाटीकर चौक, रेलवे ओवरब्रिज, रेड़मा चौक, बैरिया चौक, गायत्री मंदिर (सुदना) और जेलहाता होते हुए पुनः हरे कृष्ण निवास पहुंचेगी. लगभग 11 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर श्रद्धालु भजन-कीर्तन और हरे कृष्ण महामंत्र के साथ रथ यात्रा में शामिल होंगे. यात्रा का समापन संध्या छह बजे होगा.
पांच क्विंटल प्रसाद का हो रहा तैयार
आयोजक संजय कुमार ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रसाद की व्यवस्था की गई है. करीब 10 से 12 महिलाएं मिलकर लगभग पांच क्विंटल प्रसाद तैयार कर रही हैं, जिसे यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाएगा. इसके अलावा शाम छह से सात बजे तक महासंकीर्तन और रात सात से दस बजे तक विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे.
15 जुलाई को होगा नेत्र दर्शन, आकर्षण का केंद्र रहेगा हाइड्रोलिक रथ
उन्होंने कहा कि रथ यात्रा से एक दिन पहले, 15 जुलाई को सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक भगवान जगन्नाथ का नेत्र दर्शन कराया जाएगा. वहीं इस बार यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण हाइड्रोलिक तकनीक से तैयार किया गया रथ होगा. यह रथ आवश्यकता के अनुसार 12 फीट से 36 फीट तक ऊंचा किया जा सकेगा. आयोजकों के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
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8 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. क्राइम, खेल, …और पढ़ें