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Covid-19 Cases in India: तमिलनाडु में साल 2026 में अब तक कोरोना के 335 मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक यह कोई नया प्रकोप नहीं है बल्कि अस्पतालों में रूटीन जांच के दौरान सामान्य तौर पर मिले मामले हैं. पुणे एनआईवी की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान वेरिएंट बेहद कमजोर है और मरीजों में सिर्फ हल्के लक्षण हैं.
एजेंसियां पहले ही कोविड-19 को लेकर अलर्ट हैं.
चेन्नई. दुनियाभर को अपनी चपेट में लेने वाला कोरोना वायरस एक बार फिर चर्चा में है. साल 2026 में कोरोना के 335 नए मामले सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. हैरान करने वाली बात यह है कि किसी को कानों-कान भनक भी नहीं लगी और इस वायरस ने चुपके से इतने लोगों को अपनी गिरफ्त में ले लिया. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि इन मामलों से घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है क्योंकि यह किसी नए प्रकोप या महामारी का संकेत नहीं है. तमिलनाडु के जनस्वास्थ्य और रोग निवारण विभाग (DPH) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2026 में अब तक कुल 335 लोगों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है. राहत की बात यह है कि ये सभी मामले अस्पतालों में की जाने वाली सामान्य और नियमित निगरानी के दौरान ही पकड़े गए हैं.
पड़ोसी राज्य में 2 की गई जान
इस पूरे मामले में हलचल तब बढ़ी जब मीडिया में आंध्र प्रदेश के दो मरीजों की मौत की खबरें सामने आईं. इनमें से आंध्र प्रदेश के एक 52 वर्षीय मरीज को गंभीर हालत में वेल्लूर के एक निजी अस्पताल में लाया गया था. मरीज पहले से ही डायबिटीज और किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था. उसे क्लेबसिएला निमोनिया बैक्टीरिया के साथ कोरोना संक्रमण भी था. गंभीर सांस लेने संबंधी दिक्कतों (ARDS) के चलते उसकी मौत हो गई. वहीं, वेल्लूर में ही इलाज करा रहे एक अन्य 68 वर्षीय मरीज की मौत कोलन कैंसर की वजह से हुई, जिसमें कोरोना संक्रमण सिर्फ एक इत्तेफाकन जांच में सामने आया. इसके अलावा, आंध्र के कडप्पा में भी एक 46 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना से मौत की खबर है, जिसकी जांच वहां का स्वास्थ्य विभाग कर रहा है.
रूटीन टेस्ट में सामने आए मामले
तमिलनाडु सरकार के मुताबिक राज्य में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के तहत कोरोना की नियमित जांच जारी रहती है. आमतौर पर बड़ी सर्जरी से पहले या फिर सांस की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों का रूटीन कोविड टेस्ट किया जाता है. इसी सामान्य प्रक्रिया के तहत साल 2024 में 990, साल 2025 में 1,250 और चालू वर्ष 2026 में अब तक 335 कोरोना के मामले दर्ज किए गए हैं.
डरने की जरूरत नहीं, वायरस बेहद कमजोर
पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV) में किए गए होल जीनोम सीक्वेंसिंग (WGS) टेस्ट की रिपोर्ट से राहत भरी खबर आई है. इसके मुताबिक वर्तमान में सक्रिय कोरोना वायरस का वेरिएंट बेहद कमजोर है. इसके लक्षण बहुत मामूली हैं और समाज में इसका फैलाव बेहद निचले स्तर पर है. राज्य में किसी भी खतरनाक या नए घातक वेरिएंट के फैलने का कोई सबूत नहीं मिला है.
स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक होने के बजाय केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…और पढ़ें