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पलामू में सदर थाना क्षेत्र के पोखराहा चौक के पास शनिवार को नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से स्कूटी सवार सिक्योरिटी गार्ड रामरेखा पासवान की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सरकारी नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर नेशनल हाईवे को पांच घंटे तक जाम रखा। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है। रामरेखा पासवान एक दवाखाने में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत थे और ड्यूटी पर जा रहे थे। यह हादसा सुबह हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोग और परिजन सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिजनों के लिए सरकारी नौकरी, बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भरण-पोषण के लिए मुआवजे की मांग की। वे उपायुक्त को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। सड़क जाम की सूचना पर सदर अंचलाधिकारी जागो महतो और सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर डटे रहे। यह सड़क जाम सुबह 11 बजे से दोपहर 4 बजे तक, कुल पांच घंटे चला। काफी समझाने-बुझाने के बाद शाम 4 बजे जाम हटाया जा सका। रामरेखा पासवान अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके दो छोटे बच्चे हैं और माता-पिता काफी बुजुर्ग हैं। उनकी पत्नी के अनुसार, रामरेखा ने दो महीने तक चौकीदार की नौकरी की थी, लेकिन कुछ समय पहले उन्हें हटा दिया गया था। यह मामला फिलहाल कोर्ट में चल रहा है, जिसके कारण वे दवा दुकान में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहे थे। अंचलाधिकारी जागो महतो ने बताया कि प्रभावित परिवार को राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में लिखित आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की देखभाल के लिए स्पॉन्सरशिप योजना के तहत आर्थिक सहायता, अंबेडकर आवास और सरकारी स्कूल में नामांकन दिलाकर उनकी पढ़ाई सुनिश्चित कराई जाएगी। तत्काल निजी तौर पर आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया है। सरकारी नौकरी की मांग के संबंध में अंचलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चूंकि चौकीदार की नौकरी का मामला कोर्ट में है, यदि उनकी पत्नी की जीत होती है तो उन्हें नौकरी भी दी जाएगी।
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