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Red Sandalwood Chyawanprash: झारखंड के पलामू में आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे ने सतसिद्ध पद्धति से तैयार होने वाला लाल चंदन च्यवनप्राश बनाया है. उनके अनुसार इसे तैयार करने में 2 से 3 महीने लगते हैं और इसमें लाल चंदन, सौंफ, किशमिश, मुनक्का, अंजीर, सूखा खजूर, काजू, पिस्ता, अखरोट, कश्मीरी बादाम और छोटी इलायची जैसी प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है. इसकी कीमत 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम है.
पलामू: आयुर्वेद में कई ऐसी दुर्लभ औषधियां और योग बताए गए हैं, जिन्हें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. इन्हीं में एक है लाल चंदन से तैयार विशेष च्यवनप्राश. यह सामान्य च्यवनप्राश से अलग माना जाता है. बाजार में कई तरह के च्यवनप्राश मिलते हैं, लेकिन लाल चंदन से बने च्यवनप्राश के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडे सतसिद्ध पद्धति से कई आयुर्वेदिक औषधियां तैयार करते हैं. उन्होंने इसी पद्धति से लाल चंदन का विशेष च्यवनप्राश भी तैयार किया है. उनका दावा है कि इसे बनाने में करीब दो से तीन महीने का समय लगता है. इसे तैयार करने की प्रक्रिया काफी मेहनत वाली होती है.
कई प्राकृतिक और दुर्लभ सामग्रियों से होता है तैयार
शिव कुमार पांडे ने बताया कि इस विशेष च्यवनप्राश को कई प्राकृतिक और पौष्टिक सामग्रियों से तैयार किया जाता है. इसमें लाल चंदन, सौंफ, किशमिश का सत्व, मुनक्का का सत्व, अंजीर का सत्व, छोहड़ा (सूखा खजूर) का सत्व, काजू, पिस्ता, अखरोट, कश्मीरी बादाम और छोटी इलायची का उपयोग किया जाता है. उन्होंने बताया कि सभी सामग्रियों को विशेष विधि से लंबे समय तक संसाधित किया जाता है. इसके बाद सतसिद्ध पद्धति से च्यवनप्राश तैयार किया जाता है, जिससे इसमें मौजूद औषधीय गुण सुरक्षित बने रहते हैं.
मस्तिष्क और हृदय के लिए बताया लाभकारी
शिव कुमार पांडे के अनुसार, आयुर्वेद में लाल चंदन को मस्तिष्क को शीतलता देने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक माना गया है. वहीं सौंफ पाचन तंत्र और मस्तिष्क के लिए लाभकारी मानी जाती है. उन्होंने बताया कि किशमिश, मुनक्का और अंजीर का सत्व शरीर को ऊर्जा देने, रक्त बढ़ाने और कमजोरी दूर करने में सहायक माना जाता है. काजू, पिस्ता, अखरोट और कश्मीरी बादाम जैसे ड्राई फ्रूट्स इसे अधिक पौष्टिक बनाते हैं. वहीं छोटी इलायची पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती है. हालांकि, इन दावों के समर्थन में व्यापक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. किसी भी स्वास्थ्य लाभ के लिए इसका उपयोग करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर की सलाह लेना उचित है.
दो से तीन महीने में तैयार होता है
उन्होंने बताया कि इस च्यवनप्राश को सतसिद्ध पद्धति से कई चरणों में तैयार किया जाता है. सभी औषधीय और प्राकृतिक सामग्रियों को अलग-अलग प्रक्रिया से संसाधित किया जाता है. पूरी निर्माण प्रक्रिया में लगभग दो से तीन महीने का समय लगता है. यही वजह है कि यह सामान्य च्यवनप्राश की तुलना में अधिक श्रमसाध्य और महंगा होता है.
इतनी है कीमत और सेवन की मात्रा
शिव कुमार पांडे ने बताया कि इस विशेष लाल चंदन च्यवनप्राश की कीमत 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम है. इसके सेवन के लिए सुबह 5 ग्राम और शाम 5 ग्राम लेने की सलाह दी जाती है. उन्होंने बताया कि जो लोग इसके बारे में अधिक जानकारी लेना चाहते हैं या इसे प्राप्त करना चाहते हैं, वे 8789101495 पर संपर्क कर सकते हैं. उपयोग से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है, विशेषकर यदि किसी व्यक्ति को कोई पुरानी बीमारी हो, गर्भावस्था हो या वह नियमित दवाएं ले रहा हो.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें