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Palamu Shalihotra Express: पलामू जिले के ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों को अब एक फोन कॉल पर निःशुल्क आधुनिक पशु चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं. ‘शालिहोत्र एक्सप्रेस’ के माध्यम से पशुओं का इलाज, जांच और कृत्रिम गर्भाधान जैसी सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं. यह सेवा एसबीआई फाउंडेशन का प्रयास है.
पलामू. पशुपालकों के लिए उनके पशुओं की देखभाल अब पहले की अपेक्षा आसान हो रही है. पलामू जिले के ग्रामीण इलाकों में एक फोन कॉल पर इलाज के लिए चिकित्सक पहुंच जा रहे हैं. यहां पशुपालकों को निःशुल्क आधुनिक पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. इससे पशुपालकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है और पशुओं के बीमार पड़ने पर उन्हें दूर अस्पताल या निजी चिकित्सक के पास ले जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है.
कॉल करते ही गांव पहुंचेगा वाहन: पशु चिकित्सक
दरअसल, एसबीआई फाउंडेशन की ग्राम सेवा पहल के तहत ‘शालिहोत्र एक्सप्रेस’ के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में यह सुविधा दी गई है. दिव्यांशु कुमार दुबे ने बताया कि एसबीआई फाउंडेशन की ओर से एडेंट कंपनी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कई तरह की सुविधाएं संचालित की जा रही हैं. पशुओं के लिए फर्स्ट एड से लेकर विभिन्न बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. ग्रामीण क्षेत्र में किसी पशु के बीमार होने या उपचार की जरूरत पड़ने पर पशुपालक फोन के माध्यम से सूचना दे सकते हैं. सूचना मिलने के बाद टीम आवश्यक चिकित्सा सुविधा के साथ गांव पहुंचकर पशु का उपचार करती है.
इलाज के साथ देखभाल की जरूरी जानकारी भी दी जाती है
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में पशुओं में कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. खासकर एफएमडी (मुंहपका-खुरपका रोग), एलएसडी (लम्पी स्किन डिजीज) समेत अन्य संक्रमण का खतरा रहता है. ऐसे में समय पर बीमारी की पहचान और उपचार बेहद जरूरी है. शालिहोत्र एक्सप्रेस के माध्यम से पशुपालकों को बीमारी के दौरान आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ पशुओं की देखभाल को लेकर जरूरी जानकारी भी दी जाती है.
कृत्रिम गर्भाधान की भी सुविधा
इस पहल के तहत पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है. सदर प्रखंड के पांच गांवों में ग्राम सेवकों की व्यवस्था की गई है. ये ग्राम सेवक सदर प्रखंड के पांच ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों से संपर्क में रहते हैं और पशुओं से जुड़ी समस्या की जानकारी संबंधित टीम तक पहुंचाते हैं. इसके बाद जरूरत के अनुसार शालिहोत्र एक्सप्रेस वाहन गांव पहुंचकर पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराता है.
पशुपालकों के खर्च में आई कमी
शिव नारायण कर्मा गांव निवासी पशुपालक बताते हैं कि वह पिछले नौ वर्षों से पशुपालन कर रहे हैं. पहले पशुओं के बीमार होने पर इलाज के लिए उन्हें पैसे खर्च करने पड़ते थे और चिकित्सक तक पहुंचने में भी परेशानी होती थी. अब शालिहोत्र एक्सप्रेस के माध्यम से निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है. पशुओं में किसी तरह की समस्या होने पर एक कॉल करने के बाद टीम गांव पहुंचती है और आवश्यक उपचार करती है. इससे ग्रामीण पशुपालकों को राहत मिलने के साथ पशुपालन की लागत को कम करने में भी मदद मिल रही है.
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Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…
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