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बिहार की जरूरत पूरी होने के बाद दूसरे राज्यों में बिक्री की अनुमति
निर्माण कार्यों के लिए अपेक्षित बालू न मिल पाने अथवा महंगी कीमत पर खरीदने को मजबूर झारखंड के लोगों के लिए राहत की खबर है। बारिश में भी बिहार से दूसरे राज्यों में 4 लाख क्यूबिक फीट बालू की बिक्री होगी। लाइसेंसधारी कारोबारी यूपी व झारखंड के सीमावर्ती जिलों में बालू भेज सकेंगे। पहले 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू निर्यात पर रोक रहती थी। इस बार बिहार में पर्याप्त स्टॉक होने के कारण यह फैसला लिया गया है। लाइसेंसधारी विक्रेताओं ने रोक हटाने की मांग की थी। खान एवं भूतत्व विभाग ने समीक्षा के बाद दूसरे राज्यों में बिक्री की अनुमति दी। हर 15-20 दिन पर होगी समीक्षा दूसरे राज्यों में बालू बिक्री की समीक्षा हर 15 से 20 दिन में होगी। बिहार में मांग और उपलब्धता का आकलन किया जाएगा। पर्याप्त भंडारण रहने पर ही निर्यात जारी रहेगा। 15 अक्टूबर 2026 के बाद इस व्यवस्था को जारी रखने या बंद करने पर अलग से निर्णय लिया जाएगा। बारिश के दौरान दूसरे राज्यों में भी बालू की बिक्री की जाएगी। हालांकि, राज्य की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। बालू की उपलब्धता, आपूर्ति और मांग पर लगातार निगरानी होगी। – डॉ. प्रमोद कुमार, मंत्री, खान एवं भूतत्व विभाग बिहार, 35 लाख क्यूबिक फीट बालू का स्टॉक बारिश के मौसम को देखते हुए बिहार में पहले से बालू का भंडारण किया गया था। विभिन्न घाटों पर 35 लाख क्यूबिक फीट बालू स्टॉक किया गया। विभाग ने भवन, सड़क और निजी निर्माण के लिए 28 लाख क्यूबिक फीट खपत का अनुमान लगाया है। बचा हुआ बालू दूसरे राज्यों में बेचा जाएगा।
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