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कर्नाटक के तुमकुरु में अल्लाबाकाश और जमीर खान गिरफ्तार किया है. पाक आतंकवादी राणा उमर से सोशल मीडिया पर संपर्क थे. यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया है. इस तरह कट्टरपंथी नेटवर्क की साजिश उजागर हुआ है.
संगठित नेटवर्क बनाने की तैयारी में था.
तुमकुरु. कर्नाटक के तुमकुरु पुलिस ने श्रीरामनगर निवासी अल्लाबाकाश और दावणगेरे के राजमिस्त्री जमीर खान को गिरफ्तार किया है. दोनों पर सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित एक व्यक्ति के साथ कथित तौर पर संपर्क बनाए रखने के आरोप है. जांच में पता चला है कि इन युवकों ने देश के खिलाफ अन्य लोगों को संगठित करने और विघटनकारी गतिविधियां करने का प्रयास किया था. पुलिस ने बताया कि ये लोग भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक गतिविधियों में शामिल थे. गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तारियां की गईं.
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुष्ट सूचनाओं के आधार पर तुमकुरु शहर पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया. सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित मोस्ट वांटेड आतंकवादी राणा उमर आरोपियों का हैंडलर था. आरोपियों के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर क्षेत्र में सफलतापूर्वक एक संगठित नेटवर्क बना रहा था.
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 4 जून को मिली सूचना के आधार पर शुरू की गई थी. क्याथासंद्रा पुलिस ने अल्लाबख्श के मोबाइल फोन की जांच की. पूछताछ के दौरान, पुलिस को पता चला कि वह कथित तौर पर इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तान स्थित राणा भाई नामक व्यक्ति से हिंदी में बातचीत कर रहा था.
जांच अधिकारी ने बताया कि बातचीत में कथित तौर पर युवाओं को संगठित करने के प्रयास और देश में शांति भंग करने के उद्देश्य से विघटनकारी गतिविधियों को अंजाम देने से संबंधित चर्चाएं शामिल थीं.
राणा वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसियों द्वारा सबसे वांछित अपराधियों की सूची में शामिल है.
जांचकर्ताओं के अनुसार, पाकिस्तान स्थित इस आतंकवादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत के कई भोले-भाले युवाओं से संपर्क किया था और विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक संगठन बनाने का प्रयास कर रहा था.
जांच के आधार पर, तुमकुरु टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने बताया कि ज़मीर खान गिरफ्तारी से पहले फरार था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मात्र 20 दिनों में हुई बातचीत की प्रकृति को देखते हुए गिरफ्तारी से कई गंभीर सवाल उठते हैं. जांच में पता चला है कि आरोपियों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से प्रभावित किया जा रहा था, जहां आतंकवादी ने कथित तौर पर समुदाय में एकता को बढ़ावा देने के बहाने सदस्यों को कट्टरपंथी बनाने का प्रयास किया
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें