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पाकुड़ मुफस्सिल थाना पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के पूर्व सक्रिय सदस्य हजेला शेख को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी को न्यायालय द्वारा जारी सजायाफ्ता वारंट के आधार पर पकड़ा गया। हजेला शेख मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनिरामपुर गांव का निवासी है। हजेला शेख वर्तमान में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और जिला परिषद सदस्य भी हैं। यह मामला वर्ष 2019 का है, जब पुलिस को मनिरामपुर में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से जुड़ी गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसमें देशविरोधी प्रचार और धार्मिक उन्माद फैलाने के प्रयास शामिल थे। झारखंड सरकार द्वारा पीएफआई पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद आरोपी पर संगठन से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप था। आपत्तिजनक पोस्टर और बैनर बरामद किए गए थे 24 जुलाई 2019 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर तत्कालीन थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम ने मनिरामपुर स्थित आरोपी के घर पर छापेमारी की थी। तलाशी के दौरान कमरे में रखे बिछावन के नीचे से पीएफआई झारखंड से संबंधित आपत्तिजनक पोस्टर और बैनर बरामद किए गए थे। इस संबंध में मुफस्सिल थाना कांड संख्या 87/2019 दर्ज किया गया था। जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी पूर्व में भी बिना अनुमति रैली निकालने सहित अन्य मामलों में आरोपित रह चुका है। मामले की सुनवाई के बाद अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने 14 जून 2023 को हजेला शेख को दोषी करार दिया था। अदालत ने उन्हें सीएलए एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कुल साढ़े तीन वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ हजेला शेख ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अपील दायर की थी, जिसे कोर्ट ने अस्वीकृत कर दिया। अपील रद्द होने के बाद एसडीजेएम की अदालत ने सजायाफ्ता वारंट जारी किया था। इसी वारंट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हजेला शेख को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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